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6 अंकों से पिछड़ने के बाद प्रज्ञानंदा का चमत्कार, ग्रैंड चेस टूर जीतने वाले पहले भारतीय बने

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anjanikhabar:

नई दिल्ली

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भारतीय शतरंज की दुनिया में एक और कमाल हुआ है. एक बार फिर प्रज्ञानंद रमेशबाबू ने अपने खेल से हर किसी हैरान कर दिया है. सुपरस्टार भारतीय ग्रैंडमास्ट भारतीय ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानंद ने फैबियानो कारुआना के खिलाफ कमाल का परफॉर्मेंस करते हुए फाइनल मैच जीता और अपना पहला ग्रैंड चेस टूर फाइनल्स टाइटल जीता, साथ ही सेंट लुइस में $200,000 का पहला प्राइज भी अपने नाम करने में सफल रहे.  Chess.com के मुताबिक, इस जीत के साथ, प्रज्ञानंद ने इतिहास रच दिया, और ग्रैंड चेस टूर जीतने वाले पहले भारतीय बन गए. भारतीय ग्रैंडमास्टर ने दिन की शुरुआत कारुआना से 6 पॉइंट पीछे से की, लेकिन जल्द ही मैच पलट दिया, दोनों रैपिड गेम जीतकर बढ़त बना ली.  फिर उन्होंने ब्लिट्ज में कारुआना को बराबर स्कोर पर रोक दिया, और 15-13 के फाइनल स्कोर से यह खिताब अपना बना लिया।  

बता दें कि पहले ब्लिट्ज गेम में, प्रग्गनानंदा के पास जीतने के मौके थे, लेकिन टाइम की भागदौड़ में वह चूक गए, उनकी पोजिशन जल्दी ही खराब हो गई, लेकिन कारुआना इसका फायदा नहीं उठा पाए, और गेम आखिर में ड्रॉ पर खत्म हुआ। 

वहीं, दूसरी ओऱ तीसरे स्थान के लिए मुकाबले में जीएम वेस्ले सो ने भी विंसेंट कीमर के खिलाफ कमाल का खेल दिखाया.  दोनों खिलाड़ियों ने रैपिड मुकाबलों में एक-एक जीत हासिल की, लेकिन वेस्ले सो ने ब्लिट्ज में अपना दबदबा बनाते हुए चारों गेम जीत लिए और एक गेम बाकी रहते ही 18-12 के अंतर से मुकाबला अपने नाम कर लिया। 

इससे पहले, प्रज्ञानंद ने बुधवार को अपने दूसरे क्लासिकल गेम में ड्रॉ हासिल किया, लेकिन उनके विरोधी कारुआना ने 6 पॉइंट की बढ़त हासिल की. युवा भारतीय ग्रैंड मास्टर अपना पहला क्लासिकल गेम कारुआना से 6-0 से हार गए थे, लेकिन दूसरे क्लासिकल गेम में 3-3 से ड्रॉ करने में कामयाब रहे। 

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