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Diwali Puja Laxmi Ganesh Bhog List : दिवाली की शाम भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। इस दौरान उन्हें कई प्रकार के भोग भी लगाए जाते हैं। मान्यता है कि दिवाली के दिन श्रद्धाभाव के साथ लक्ष्मी-गणेश का पूजन करने और उन्हें भोग लगाने से अत्यंत शुभ फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिष एक्सपर्ट, वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, हर साल कार्तिक मास की अमावस्या पर जब हम दीपक जलाते हैं, तो पूजा की थाली में रखा नैवेद्य सबसे खास भूमिका निभाता है। ये भोग भगवान के प्रति हमारे भाव और समर्पण का सीधा माध्यम होता है। सही नियमों के साथ लगाया भोग घर के वास्तु और वातावरण दोनों को शुद्ध कर सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि दिवाली के दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी को किन-किन चीजों का भोग लगाना चाहिए व इस दौरान किन नियमों का ध्यान रखना महत्वपूर्ण होता है।
दिवाली पर भगवान गणेश के भोग
मोदक और बेसन के लड्डू : ज्योतिष एक्सपर्ट, वास्तु गुरु मान्या बताती हैं दिवाली के दिन प्रथम पूज्य भगवान गणेश को मोदक का भोग जरूर लगाना चाहिए। क्योंकि, मोदक उन्हें अत्यंत प्रिय है। इसके अलावा, आप शुद्ध देसी घी के बने बेसन या बूंदी के लड्डू भी अर्पित कर सकते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से अत्यंत शुभ फल प्राप्त होता है।
गुड़ और घी : शुद्ध देसी घी के साथ गुड़ का भोग लगाना भी बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से गणपति बप्पा प्रसन्न होते हैं और गृह क्लेश दूर होता है।
दूर्वा और केला : मिष्ठान के साथ भगवान गणेश को दूर्वा और केले भी जरूर अर्पित करें। कहा जाता है कि गणेशजी को दूर्वा अत्यंत प्रिय है।
शीरा और गुजिया : नारियल से भरी कुरकुरी गुजिया और केसर बादाम से बना सूजी के हलवे का भोग भी आप बप्पा को लगा सकते हैं।
दिवाली पर माता लक्ष्मी के भोग
- खील और बताशे : ये दो चीजें दिवाली का सबसे मुख्य और महत्वपूर्ण भोग है। इसे धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
- खीर : माता लक्ष्मी खीर का भोग अत्यंत प्रिय है। ऐसे में आप दिवाली की शाम गाय के दूध, मखाने और केसर से बनी खीर देवी को अर्पित कर सकते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से मानसिक शांति में वृद्धि होती है।
- सफेद मिठाई : माता लक्ष्मी को दूध से बनी सफे मिठाई जैसे- पेड़ा, नारियल बर्फी, रसगुल्ला आदि अत्यंत प्रिय है। ऐसे में आप दिवाली के दिन इन चीजों का भोग भी लगा सकते हैं।
- पंचामृत और पंचमेवा : दूध, दही, शहद चीनी और घी से बना पंचामृत व 5 ड्राई फ्रूट पूजा की थाली में जरूर शामिल करने चाहिए।
- सिंघाड़ा और श्रीफल : जल से उत्पन्न फल जैसे- सिंघाड़ा और नारियल लक्ष्मी जी को अत्यंत प्रिय है क्योंकि, देवी स्वयं क्षीरसागर से प्रकट हुई हैं।
- कमलगट्टा और बताशे : पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कमल के बीज और ताला बताशे माता लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय हैं। वास्तु गुरु मान्या बताती हैं कि कमल के बीज माता को उनके निवास स्थान की याद दिलाते हैं। साथ ही, बताशे शुक्र ग्रह को मजबूत करने में सहायक होते हैं। जिससे घर में धन और वैभव का आगमन तेजी से हो सकता है।
- मिश्री और पान का पत्ता : शुद्ध मिश्री के साथ मखाना चढ़ाने से शुक्र ग्रह मजबूत होता है। पूजा के अंत में लौंग और सुपारी से सजा हुआ पान का पत्ता माता को जरूर अर्पित करें।
- अनार : लाल रंग के ताजे अनार का भोग भगवान गणेश और माता लक्ष्मी दोनों को प्रसन्न कर सकता है।
भोग अर्पित करने के महत्वपूर्ण नियम
शुद्धता का पालन : भोग बनाते समय रसोई बिल्कुल साफ होनी चाहिए और इस बात का विशेष ख्याल रखें की भोग बनाते समय उसे चखना नहीं चाहिए।
तुलसी दल के नियम : पूजा के दौरान भूलकर भी माता लक्ष्मी और भगवान गणेश को तुलसी दल नहीं चढ़ाना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, गणेशजी और लक्ष्मीजी दोनों की ही व्यक्तिगत पूजा में तुलसी दल का उपयोग वर्जित होता है। इसलिए दिवाली की रात दोनों देवताओं को बिना तुलसा के शुद्ध और सात्विक भोग ही अर्पित करें।
गंगाजल का छिड़काव : नैवेद्य अर्पित करते समय उसके चारों ओर जल का आचमन जरूर करना चाहिए। मान्यता है कि अगर पूरी श्रद्धा, स्वच्छता और सही नियमों के साथ लक्ष्मी-गणेश को बताशे का भी भोग लगाने से सालभर घर में रिद्धि-सिद्धि और माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।









