anjanikhabar:
लखनऊ
भारतीय जनता पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का मुद्दा उछालने वाले विपक्ष को कई मोर्चों पर घेरना शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत पांच दिग्गज प्रदेश में जहां पदयात्रा के बहाने कांग्रेस समेत विरोधी दलों के खिलाफ हुंकार भर रहे हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) प्रदेश में 294 शैक्षणिक केंद्रों पर ‘लोकतंत्र बनाम अराजकता’ विषय पर छात्रों से संवाद कर चुनावी जमीन मजबूत करेगा। पार्टी की रणनीति है कि जनता के बीच वोट चोरी का नैरेटिव बनने न पाए। युवाओं को 1975 की इमरजेंसी एवं 1984 में सिखों पर हुए अत्याचार का स्मरण दिलाकर कांग्रेस को लोकतंत्र विरोधी साबित करने की कसरत होगी।
कांग्रेस समेत सभी विरोधी दलों ने एसआइआर के बहाने वोट चोरी का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग और भाजपा के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन किया। कई स्थानों पर अराजकता एवं तोड़फोड़ भी हुई। पिछले दिनों रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में कहा था कि कांग्रेस समेत विरोधी दल बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में रिजीम चेंज को हवा देकर देश में आग लगाने का षड्यंत्र रच रहे हैं।
उन्होंने कांग्रेस सरकार पर चुनाव आयोग को कठपुतली बनाने का आरोप लगाया था। 30 अक्टूबर को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पेश किए गए राजनीतिक प्रस्ताव में साफ किया गया कि लोकतंत्र बनाम अराजकता विषय पर विपक्ष को घेरने के लिए सभी छह क्षेत्रों की पदयात्राओं में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक को भी उतारा जाएगा।
इसी तर्ज पर युवा मोर्चा को मैदान में उतारने की रणनीति बनाई गई। भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा ने बताया कि सभी क्षेत्रों में युवा मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्षों को कार्यक्रम संयोजक बनाया गया है। पश्चिम क्षेत्र में 57 केंद्रों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम की कमान क्षेत्रीय अध्यक्ष सुखविंदर सोम संभालेंगे।
ब्रज क्षेत्र के भाजयुमो के क्षेत्रीय अध्यक्ष मनीष गौतम की अगुआई में 57, कानपुर के क्षेत्रीय अध्यक्ष नील साहू के नेतृत्व में 51, अवध क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष युवा मोर्चा नितिन मित्तल के नेतृत्व में 45, काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष शैलेंद्र मौर्य युवा मोर्चा की अगुआई में 48, गोरखपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष युवा मोर्चा पुरुषार्थ सिंह की अगुआई में 38 केंद्रों पर छात्र संवाद आयोजित होगा। रणनीतिकारों का कहना है कि इस बहाने भाजपा युवाओं का भरोसा जीतकर वोटों का समीकरण मजबूत करेगी। यूजीसी एवं आरक्षण जैसे विषयों पर उभरी नाराजगी को भी दूर करने का आधार रखा जाएगा।









