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भोपाल में 700 किलो एनालॉग पनीर जब्त, मुरैना से ट्रेन के जरिए पहुंची खेप; जांच में जुटे अधिकारी

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anjanikhabar:

भोपाल 

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त्योहारी सीजन शुरू होने से ठीक पहले खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग ने राजधानी में अहम कार्रवाई की है।  देर रात भोपाल रेलवे स्टेशन के बाहर से करीब सात क्विंटल (700 किलोग्राम से अधिक) संदिग्ध एनालॉग पनीर की खेप जब्त की गई। यह माल ट्रेन से मुरैना जिले से लाया जा रहा था। अधिकारियों ने माल उतारते ही इसे अपने कब्जे में ले लिया।

जब्त पनीर की अनुमानित कीमत करीब ढाई लाख रुपये बताई जा रही है। विभाग ने उपलब्ध बिल्टी और बिल के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सप्लाई चेन की जांच जारी
अधिकारी अब यह पता लगाने में लगे हैं कि यह खेप शहर के किस होटल, रेस्टोरेंट या डेयरी में पहुंचने वाली थी। सप्लाई नेटवर्क का खुलासा होने के बाद संबंधित लोगों पर भी कार्रवाई होने की संभावना है।

एनालॉग पनीर पर राज्य में प्रतिबंध
मध्य प्रदेश सरकार ने कुछ महीने पहले पूरे प्रदेश में एनालॉग पनीर के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर रोक लगा दी थी। एनालॉग पनीर असल में दूध के बजाय वनस्पति वसा, स्टार्च और अन्य सामग्री से बनाया जाता है। इसकी कीमत कम होने के कारण बाजार में इसकी खपत बढ़ गई थी। विभाग फिलहाल इस खेप को एनालॉग मानकर कार्रवाई कर रहा है। अंतिम नतीजा प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।

एनालॉग पनीर की जांच
अधिकारियों ने पनीर से संबंधित बिल्टी और बिल के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSS Act) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।पनीर मिलावटी है या फिर एनालॉग इसकी पुष्टि जांच के बाद होगी, लेकिन खाद्य विभाग उसे एनालॉग मानकर ही आगे की कार्रवाई कर रहा है। 

जांच कर रही टीम अफसरों की टीम यह पता लगा रही है कि पनीर की सप्लाई कहां होने वाली थी? किस होटल, रेस्टोरेंट या डेयरी पर यह पनीर जाने वाला था। इसके बाद संबंधित के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पूरे एमपी में प्रतिबंधित है एनालॉग पनीर करीब तीन महीने पहले सरकार ने पूरे मध्य प्रदेश में भी एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाया था। बता दें कि एनालॉग पनीर को असली दूध से बने पनीर के विकल्प के तौर पर तैयार किया जाता है। इसमें दूध की जगह या दूध के साथ वनस्पति वसा, स्टार्च और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी कम कीमत के कारण बाजार में इसकी खपत तेजी से बढ़ी है।

मानवाधिकार आयोग ने जताई थी नाराजगी
एनालॉग पनीर की बिक्री को लेकर तीन महीने पहले राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने भी नाराजगी जताई थी। आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों को पत्र लिखने का फैसला किया था।

इसी बीच सरकार ने पूरे प्रदेश में इस तरह के पनीर पर रोक लगा दी थी। बावजूद भोपाल में 7 क्विंटल एनालॉग पनीर खपाने का मामला सामने आया है।

 

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