anjanikhabar:
ग्वालियर.
ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास हुए दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों को जिंदगी भर का घाव दे दिया है। इसी हादसे में अपनी जान गंवाने वाले बड़ागांव खुरेरी निवासी गौरव परिहार की मां का रुदन वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर रहा है।
पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बिलखती मां ने अपने जवान बेटे की मौत का सीधा जिम्मेदार पुलिस और प्रशासन की लापरवाही को ठहराया है।
जब ट्रक पलटा, तब कहां थी पुलिस?
बेटे के गम में बेसुध मां किरण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह चीख-चीख कर कह रही हैं कि "मेरे बेटे को पुलिस ने मार दिया।" उनका प्रशासन से सीधा सवाल है कि रात 12 बजे जब अनियंत्रित ट्रक उनके बेटे पर पलटा, तब पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था कहां थी? हादसे के बाद भी कोई त्वरित मदद नहीं मिली। उन्होंने बताया कि छोटा भाई खुद पैदल दौड़कर बड़े भाई गौरव की जान बचाने के लिए क्रेन वाले को बुलाने गया था।
अस्पताल ले जाते समय पुलिस पर डंडे मारने का आरोप
किरण के दर्द और गुस्से की एक बड़ी वजह पुलिस का असंवेदनशील रवैया भी रहा। मां ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि जब वे अपने बेटे गौरव को इलाज के लिए बिड़ला अस्पताल ले जा रही थीं, तब पुलिसकर्मियों ने उनकी मदद करने के बजाय उन्हें डंडे मारकर रोक दिया। इस बर्ताव ने एक बेबस मां के जख्मों को और हरा कर दिया है।
चार महीने पहले ही हुई थी शादी, नहीं छूटी थी मेहंदी
गौरव की असमय मौत ने इस परिवार की खुशियों को पूरी तरह तबाह कर दिया है। किरण ने रोते हुए बताया कि महज चार महीने पहले ही गौरव की शादी हुई थी। अभी तो उसके हाथों की मेहंदी का रंग तक ठीक से नहीं उतरा था और परिवार पर यह वज्रपात हो गया। "मेरा तो बेटा चला गया…" यह कहते हुए मां का दर्द छलक पड़ता है, जिसे देखकर वहां मौजूद हर इंसान का दिल पसीज गया।









