Home मध्य प्रदेश फर्जी पासपोर्ट कांड में बड़ा खुलासा, 130 नए संदिग्ध पासपोर्ट जांच के...

फर्जी पासपोर्ट कांड में बड़ा खुलासा, 130 नए संदिग्ध पासपोर्ट जांच के घेरे में

17
0
Jeevan Ayurveda

anjanikhabar:

ग्वालियर
मध्यप्रदेश में डबरा के सिमरिया टेकरी से शुरू हुए फर्जी पासपोर्ट कांड की जड़े अब देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा तक जा पहुंची हैं। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी जॉय चौधरी से रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में देश की सुरक्षा को हिला देने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसियों ने 130 और नए संदिग्ध पासपोर्ट को अपने रडार पर ले लिया है। इस सिंडिकेट का सबसे खतरनाक पहलू यह उजागर हुआ है कि मास्टरमाइंड ने इन दस्तावेजों में स्थायी पता मध्य प्रदेश के बैतूल का और स्थानीय पता पाकिस्तान सीमा से सटे गुजरात के कच्छ के एक गांव का दर्ज कराया था। इसके अलावा डबरा के सिमरिया (वार्ड-1) का पता भी दर्जनों पासपोर्ट में धड़ल्ले से खपाया गया। अब तक 200 पासपोर्ट की संख्या हो गई है।

Ad

इस अंतरराष्ट्रीय लिंक के सामने आते ही केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी मुस्तैद हो गई हैं। वहीं, आंख मूंदकर वेरिफिकेशन करने वाले डबरा, भोपाल और बैतूल के 15 पुलिसकर्मियों और नगर निगम कर्मचारियों की पहचान कर ली गई है, जिन्हें सोमवार को एसटीएफ द्वारा नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

अब जाली दस्तावेज वाले रडार पर
दस्तावेज सत्यापन, जाली मार्कशीट, आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराने में स्थानीय स्तर पर मदद करने वाले कुछ शिक्षकों के नाम भी जांच के दायरे में आए हैं। चंद रुपयों के लालच में इन शिक्षकों ने घुसपैठियों के दस्तावेज तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। एसटीएफ अब कमेटियों के पुराने रिकॉर्ड, संदिग्ध शिक्षकों के बैंक खातों और कच्छ बॉर्डर से जुड़े पतों के बीच की कड़ियों को खंगाल रही है।

सिमरिया के बुद्ध विहार में जुटते थे संदिग्ध, भंते बने थे ढाल
डबरा नगर पालिका के वार्ड-1 स्थित सिमरिया टेकरी, तथागत बुद्ध विहार और अंबेडकर पार्क के पते पर थोक में पासपोर्ट जारी कराने के पीछे सोची-समझी रणनीति थी।

अज्ञात चेहरों का जमावड़ा: ग्रामीणों के अनुसार, धार्मिक आयोजनों के नाम पर यहां अक्सर बाहरी अनुयायी और संदिग्ध भिक्षु आकर ठहरते थे, लेकिन वे मूल रूप से कहां के रहने वाले थे, इसकी तस्दीक किसी के पास नहीं थी।

गयाप्रसाद और गुलाबराय की भूमिकाः बुद्ध विहार में रह रहे संघप्रिय भंते ने बताया कि मास्टरमाइंड रियाज सीधे सामने नहीं आता था। पुराबनवार निवासी गयाप्रसाद (जो भंते बनकर सक्रिय था) और माधौनगर निवासी गुलाबराय लगातार इन गतिविधियों में आगे रहते थे। आशंका है कि रियाज इन्हीं चेहरों को मुखौटा बनाकर सिंडिकेट ऑपरेट कर रहा था।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here