Home मध्य प्रदेश MP के 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, उज्जैन में पुराना...

MP के 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, उज्जैन में पुराना महाकाल द्वार गिरा; शिवपुरी में मिला युवक का शव

19
0
Jeevan Ayurveda

anjanikhabar:

भोपाल 

Ad

मध्यप्रदेश में मानसून अब बाढ़ और उफनती नदियों वाला दौर दिखा रहा है। पूर्वी हिस्से में लगातार बारिश के बाद अब पश्चिम और उत्तरी जिलों में भी मानसून सक्रिय है। नर्मदा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। भोपाल के भदभदा और कलियासोत के साथ बरगी बांध के गेट भी खोले गए हैं। नदी-नालों के उफान और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण कई इलाकों में लोगों को सतर्क किया गया है।

आज 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम केंद्र ने रविवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, पन्ना और सतना में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, उज्जैन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुर, जबलपुर, मंडला, रीवा, सीधी, सिंगरौली समेत कई जिलों में हल्की से तेज बारिश हो सकती है।

भोपाल में डैम से पानी छोड़ा
भोपाल में भदभदा के बाद कलियासोत बांध के गेट भी खोले गए। शनिवार शाम चार गेट खोले गए थे। पानी का दबाव कम होने पर इन्हें धीरे-धीरे बंद किया गया। रात में एक गेट खुला रहा। प्रशासन ने कलियासोत नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

उज्जैन में बारिश की वजह से महाकाल मंदिर से रामघाट जाने वाले रोड का ऐतिहासिक महाकाल द्वार शनिवार देर रात गिर गया। किसी जनहानि की सूचना नहीं है। एक्जीक्यूटिव इंजीनियर कमल सक्सेना ने कहा- महाकाल द्वार के पास निर्माण कार्य के दौरान गहरी खुदाई चल रही है। बारिश के कारण मिट्टी में नमी बढ़ने और जमीन के सेटलमेंट की वजह से द्वार की संरचना प्रभावित होने की आशंका है। वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

रविवार सुबह शिवपुरी जिले के सिकराऊदा गांव में 21 वर्षीय राम रावत का शव गहलोनी के पास नदी किनारे मिला। वह शुक्रवार को रपटा पार करते समय तेज बहाव में बह गया था। शनिवार को SDERF ने दिनभर सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन युवक का पता नहीं चल सका था। रविवार को नदी का जलस्तर कम होने के बाद ग्रामीणों ने शव देखा।

कढ़ाही में बैठकर रस्सी के सहारे पार कर रहे नाला
मुरैना के कैलारस में खेरली-पचोखरा रोड पर गुराह नाले का पुल बारिश के बाद पानी में डूब गया है। जरूरी काम से निकले लोग बड़ी कढ़ाही जैसे बर्तन में बैठकर रस्सी के सहारे नाले के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंच रहे हैं। पानी का बहाव तेज होने के कारण जरा सी चूक हादसे का कारण बन सकती है।

9 सितंबर तक बारिश का दौर
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 6 सितंबर को भी मौसम तंत्र सक्रिय रहेगा। इसके बाद 7, 8 और 9 सितंबर को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज बारिश जारी रह सकती है। यानी सितंबर की शुरुआत में मिली बारिश प्रदेश में अब तक की कमी को और कम कर सकती है। 

23 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश
लगातार बारिश से प्रदेश के बारिश के आंकड़े में तेजी से सुधार हुआ है। अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इसके विपरीत कई जिलों में अभी भी बारिश की कमी बनी हुई है। पश्चिमी मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में सामान्य से 2 से 53 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।

जून की कमी सितंबर में हो रही कम
प्रदेश में बारिश का मौसम इस बार उतार-चढ़ाव वाला रहा। जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश के बावजूद जून की कमी पूरी तरह नहीं भर सकी। सितंबर के पहले सप्ताह में सक्रिय सिस्टम ने बारिश का आंकड़ा तेजी से ऊपर किया है।प्रदेश में सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। अब तक 30 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है और मौजूदा सिस्टम सक्रिय रहने से आने वाले दिनों में आंकड़े में और सुधार की उम्मीद है। 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here