Home मध्य प्रदेश उज्जैन से मुंबई सिर्फ 8 घंटे! सिंहस्थ से पहले दिल्ली-अहमदाबाद-जयपुर तक हाई...

उज्जैन से मुंबई सिर्फ 8 घंटे! सिंहस्थ से पहले दिल्ली-अहमदाबाद-जयपुर तक हाई स्पीड कनेक्टिविटी

12
0
Jeevan Ayurveda

anjanikhabar:

उज्जैन

Ad

उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन हाईवे मध्य प्रदेश के लिए अहम प्रोजेक्ट है. क्योंकि सिंहस्थ आयोजन को लेकर इस हाईवे को तैयार किया जा रहा है, ताकि उज्जैन की दिल्ली, मुंबई, जयपुर और कोटा जैसे बड़े शहरों से कनेक्ट होगा. ताकि महाकु्ंभ में आने वाले यात्रियों को फायदा होगा. उज्जैन जावरा हाईवे की खासियत यह है कि यह सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ जाएगा. 103 किलोमीटर लंबा अत्याधुनिक हाईवे न सिर्फ मालवा के यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि उज्जैन के लिए सबसे अहम होगा. इसे 5017 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि साल 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ में ट्रैफिक के दवाब को कम किया जा सके। 

उज्जैन से कैसे कनेक्ट होगी दिल्ली 
उज्जैन-जावरा फोरलेन हाईवे का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह जावरा के पास जाकर भारत के सबसे लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जो 8-लेन है, उससे इंटरचेंज से सीधे कनेक्ट हो जाएगा. फिलहाल उज्जैन से दिल्ली या मुंबई जाने के लिए वाहन चालकों को व्यस्त राज्य राजमार्गों से होकर गुजरना पड़ता है. लेकिन इस हाईवे का बाद स्थिति बदल जाएगी. अब उज्जैन से वाहन इस फोरलेन के जरिए जावरा पहुंचेंगे और सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर चढ़कर बिना किसी ट्रैफिक जाम के सीधे दिल्ली के डीएनडी फ्लाईवे और जेवर एयरपोर्ट तक पहुंच जाएंगे. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से डायरेक्ट लिंक मिलने के कारण उज्जैन से दिल्ली का सफर मात्र 7 से 8 घंटे में पूरा हो जाएगा। 

उज्जैन से जुड़ेगा मुंबई
इसी तरह जावरा इंटरचेंज से दक्षिण की तरफ रुख करके वाहन सीधे सूरत, वडोदरा होते हुए देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में प्रवेश कर सकेंगे. मुंबई में यात्रा का समय भी कम होगा जाएगा. जबकि सिंहस्थ में आने वाले यात्रियों को फायदा होगा. अभी उज्जैन से मुंबई जाने में 14 से 15 घंटे का समय लग जाता है. लेकिन इस हाईवे के बाद यह सफर 8 से 9 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है। 

उज्जैन से जुड़ेंगे राजस्थान के शहर 
इसके अलावा इस हाईवे से उज्जैन की राजस्थान से कनेक्टिविटी और मजबूत हो जाएगी. जावरा और रतलाम से राजस्थान का झालावाड़, बांसवाड़ा, कोटा और चित्तौड़गढ़ जिला काफी करीब है, इस हाईवे से एमपी और राजस्थान के बीच व्यापारिक वाहनों का आना-जाना आसान होगा. इसके अलावा यह हाईवे सीधे इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग और राजस्थान सीमा के करीब होने के कारण जयपुर, अजमेर और कोटा जैसे शहरों के लिए भी एक सीधा लिंक प्रदान करेगा. जिससे इन शहरों की दूरी भी कम हो जाएगी।

उज्जैन-जावरा हाईवे की सुविधाएं 

    5 फ्लाईओवर बनेंगे 
    7 इंटरचेंज जो हाईवे को गांवों से जोड़ेंगे 
    2 रेलवे ओवरब्रिज बनेंगे
    270 पुलिया बनेगी
    7 बड़े और 26 छोटे पुल

क्यों खास है यह प्रोजेक्ट 
उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे या हाईवे का मतलब होता है एक बिल्कुल नया रूट, जो पुरानी सड़कों को चौड़ा करने के बजाय नए खेतों, जंगलों या खाली जमीनों से होकर गुजरता है. यह फोरलेन हाईवे उज्जैन के मंगरोला गांव से शुरू होकर रतलाम जिले के जावरा के भूतेड़ा गांव तक जाएगा. हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) पर बन रहे इस प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत 5017 करोड़ है. फिलहाल उज्जैन से जावरा जाने में ढाई से तीन घंटे लगते हैं, जो घटकर मात्र 1 से 1.15 घंटे रह जाएंगे। 

सिंहस्थ-2028 से पहले शुरुआत
उज्जैन-जावरा फोरलेन का काम जुलाई 2026 से शुरू हो चुका है. हाल ही में सीएम मोहन यादव ने इस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी कामों को मंजूरी दे दी है. इसे पूरा करने का लक्ष्य दिसंबर-2027 तक तय किया गया है. क्योंकि 2028 में होने वाले सिंहस्थ आयोजन से पहले इसे तैयार किया जाना है. क्योंकि इस आयोजन में इस फोरलेन का अहम काम है. सिंहस्थ के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति या वीआईपी मूवमेंट के लिए यह हाईवे एक लाइफलाइन की तरह काम करेगा. इसलिए उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि मालवा के विकास का नया एक्सप्रेसवे है. जिस पर तेजी से काम हो रह है। 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here