Home मध्य प्रदेश Bhopal Sealing News: भोपाल में 90 हजार दुकानों पर सीलिंग का खतरा,...

Bhopal Sealing News: भोपाल में 90 हजार दुकानों पर सीलिंग का खतरा, 4 लाख लोगों की रोजी-रोटी पर संकट!

38
0
Jeevan Ayurveda

भोपाल 
 सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद राजधानी की हजारों दुकानों पर सीलिंग का संकट है। भोपाल नगर निगम एक बार फिर आवासीय (रिहायशी) इलाकों में अवैध रूप से चल रही दुकानों और व्यावसायिक गतिविधियों पर तालाबंदी करने की तैयारी में लग गया है। प्रक्रिया का पालन नहीं करना भारी पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि रिहायशी इलाकों में केवल 15 प्रतिशत के पास कमर्शियल अनुमति है। ऐसे में करीब 90 हजार से ज्यादा शॉप—शोरूम और मॉल बंद हो सकते हैं। 4 लाख से अधिक लोगों का रोजगार प्रभावित हो सकता है।

अधिकारी और विशेषज्ञ बताते हैं कि लोग जटिल प्रक्रियाओं से बचने के लिए प्राय: शॉर्टकट अपनाते हैं और बिना अनुमति लिए अपने घरों में दुकान या कार्यालय खोल लेते हैं। अब यही शॉर्टकट उनके लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है।

Ad

'लैंड यूज' बदलवाया होता तो कानूनन दुकानें चला पाते
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लोगों ने नियमों के तहत टीएंडसीपी से अपने क्षेत्र का 'लैंड यूज' (भू- उपयोग) बदलवाया होता, तो वे कानूनी रूप से दुकानें चला पाते। टीएंडसीपी एक्ट की धारा 29 और 30 के तहत आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक अनुमति ली जा सकती है। लेकिन अप्रूव्ड (मंजूर) ले- आउट में बिना अनुमति काम शुरू करने से अब कार्रवाई की तलवार लटक रही है।

नियमों का उल्लंघन कर खोल लिए मॉल और शोरूम
शहर में नियमों का उल्लंघन कर मॉल और शोरूम खोल लिए गए हैं। सरकार द्वारा भूमि विकास नियमों में किए जा रहे संशोधन से भी इन दुकानदारों को राहत मिलने की उम्मीद कम है। विशेषज्ञों के अनुसार, संशोधन का लाभ केवल उन क्षेत्रों को मिलेगा जहां नया परिक्षेत्र तय हो रहा है। भोपाल के जिन इलाकों में निगम कार्रवाई कर रहा है, वे पहले से मंजूर और विकसित आवासीय क्षेत्र हैं, इसलिए वहाँ नए संशोधनों का असर नहीं पड़ेगा।

टीएंडसीपी के डायरेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह बताते हैं कि टीएंडसीपी एक्ट और मास्टर प्लान में भू-उपयोग पूरी तरह स्पष्ट है। ले-आउट मंजूर होने के बाद नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का अधिकार नगर निगम का है।

इन पर रहेगा पूरी तरह प्रतिबंध
पर्यावरण और यातायात की सुरक्षा के लिए आवासीय क्षेत्रों में विभिन्न गतिविधियों पर सख्त रोक है:

18 मीटर से कम चौड़ी सड़क पर मैरिज हॉल या बैंक्वेट हॉल। भारी मशीनरी, ऑटोमोबाइल गैरेज
वेल्डिंग वर्कशॉप या रसायनों का भंडारण।
थोक मंडी, बड़े गोदाम या लॉजिस्टिक्स डिपो।
बिना पार्किंग वाले बड़े कोचिंग सेंटर या प्रतिष्ठान।
किन कामों की मिल सकती है अनुमति?

यदि सड़क की चौड़ाई, पार्किंग और भूखंड का आकार नियमों के अनुकूल है, तो रिहायशी इलाकों में कुछ सीमित गतिविधियों की अनुमति ली जा सकती है:

दुकानें: किराना, मेडिकल, स्टेशनरी, डेरी, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, लॉन्ड्री आदि।
प्रोफेशनल ऑफिस: डॉक्टर, वकील, सीए, आर्किटेक्ट, आईटी कंसलटेंट।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here