Home राजनीतिक क्या छिनी जाएगी निर्मला सप्रे की विधायकी? हाईकोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष के...

क्या छिनी जाएगी निर्मला सप्रे की विधायकी? हाईकोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष के सामने सुनवाई की दी नई तारीख

21
0
Jeevan Ayurveda

जबलपुर 

मध्य प्रदेश की राजनीति में दलबदल का मामला एक बार फिर गरमा गया है. बीना से विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई. यह मामला तब चर्चा में आया जब लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतने वाली निर्मला सप्रे ने बीजेपी का हाथ थाम लिया था। 

Ad

कांग्रेस नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सप्रे के इस कदम को गलत बताते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. सिंघार की याचिका में मांग की गई कि निर्मला सप्रे की विधायकी को तुरंत शून्य (रद्द) घोषित किया जाए. उनकी दलील है कि दल बदलने के बाद सप्रे को विधायक बने रहने का हक नहीं है। 

हाईकोर्ट ने दी नई तारीख
कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अपना पक्ष रखा. सरकार की तरफ से बताया गया कि 9 अप्रैल को विधानसभा अध्यक्ष के सामने इस मामले की सुनवाई होनी थी. लेकिन, प्रशासनिक व्यस्तता के चलते उस दिन सुनवाई नहीं हो सकी. इस आधार पर सरकार ने हाईकोर्ट से थोड़ा और वक्त मांगा. कोर्ट ने स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष के सामने सुनवाई के लिए अब 22 अप्रैल की नई तारीख तय कर दी है। 

खुद को बता दिया था कांग्रेसी
पूरे विवाद में सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया था, जब पिछली सुनवाई में निर्मला सप्रे ने खुद को ‘कांग्रेसी’ बताया था. उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में सबको हैरान कर दिया था, क्योंकि वह सार्वजनिक रूप से बीजेपी में शामिल हुई थीं. अब सवाल यह है कि अगर वह खुद को कांग्रेसी कह रही हैं, तो उनकी सदस्यता पर क्या असर पड़ेगा?

हाईकोर्ट अब इस मामले पर 29 अप्रैल को अगली सुनवाई करेगा. तब तक यह देखना होगा कि 22 अप्रैल को विधानसभा अध्यक्ष के सामने होने वाली सुनवाई में क्या नतीजे निकलते हैं. क्या निर्मला सप्रे अपनी विधायकी बचा पाएंगी या उन्हें अपनी सदस्यता गंवानी पड़ेगी?

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here