Home विदेश ईरान से तनाव के बीच बड़ा हादसा: हवा में ईंधन भरते समय...

ईरान से तनाव के बीच बड़ा हादसा: हवा में ईंधन भरते समय क्रैश हुआ अमेरिकी विमान, 4 की मौत

29
0
Jeevan Ayurveda

वाशिंगटन
ईरान पर मिलकर हमला करने वाले अमेरिका और इजरायल को भी युद्ध में भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इस युद्ध में अभी तक आधिकारिक रूप से अमेरिका के चार विमान गिर चुके हैं और एक महंगा एयर डिफेंस सिस्टम थाड़ (THAAD) का रडार भी नष्ट हो चुका है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने शुक्रवार को चौथे विमान के गिरने के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ईंधन भरने वाले एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार 6 क्रू सदस्यों में से चार की मौत हो गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस विमान के गिरने में अभी तक न तो दुश्मन की गोलीबारी और न ही अपने पक्ष की तरफ से की गई फायरिंग ही शामिल थी। सेंटकॉम के मुताबिक इस पर अभी जांच की जा रही है। सेंटकॉम की तरफ से इस घटना पर ज्यादा जानकारी देते हुए बताया गया कि इस घटना में दो विमान शामिल थे। क्रैश होने वाला विमान (बोइंग KC-135) ईरान में जारी अभियानों का हिस्सा था। यह एक टैंकर विमान है, जो कि दूसरे जेट्स को हवा में ही फ्यूल उपलब्ध कराता था। घटना के बाद अभी बचाव कार्य जारी है। इस विमान के क्रैश होने के बाद दूसरा विमान सुरक्षित रूप से लैंड कर गया है।

आपस में टक्कर की आशंका
सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो और तस्वीरों में अमेरिका के एक दूसरे ईंधन टैंकर विमान को तेल अवीव एयरपोर्ट पर उतरते हुए देखा गया है। इस जहाज के पिछले हिस्से को नुकसान पहुंचा हुआ दिख रहा है। ऐसे में कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह दोनों ईंधन वाहक जहाज हवा में ही एक-दूसरे से टकरा गए थे, जिसकी वजह से एक जहाज क्रैश हो गया, जबकि दूसरा जहाज सुरक्षित रूप से लैंड कर पाया। हालांकि, इसकी अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है। इस युद्ध में आधिकारिक रूप से अमेरिका के चार विमान गिर चुके हैं। केसी-135 के गिरने से पहले अमेरिका के तीन एफ-15 जहाज भी कतरी वायुसेना की गलती की वजह से मार गिराए गए थे।

Ad

अमेरिकी वायुसेना अभियानों के लिए खास KC-135
अमेरिका की वायुसेना के लिए इस विमान की भूमिका बहुत ही खास है। बोइंग का KC-135 स्ट्रैटोटैंकर विमान हवा में उड़ते हुए अन्य लड़ाकू विमानों में ईंधन भरने की क्षमता रखता है। इस विमान में चार टर्बोफैन इंजन लगे होते हैं और यह अपने साथ करीब 146 टन वजन लेकर उड़ान भर सकता है। पिछले 60 सालों से यह लंबी दूरी के अमेरिकी सैन्य अभियानों में बेहद ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ईरान युद्ध के दौरान भी इन विमानों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है, ताकि अमेरिकी विमानों की उड़ने की क्षमता को बढ़ाया जा सके।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here