Home मध्य प्रदेश भोपाल में 6 सक्रिय ईरानी गैंग, सरगना राजू; चोरी, ठगी और नकली...

भोपाल में 6 सक्रिय ईरानी गैंग, सरगना राजू; चोरी, ठगी और नकली सोना जैसे संगीन अपराधों का खुलासा

39
0
Jeevan Ayurveda

भोपाल

राजधानी भोपाल में पुलिस की एक सटीक कार्रवाई ने ऐसा भूचाल ला दिया है कि असर सिर्फ शहर तक सीमित नहीं रहा. ईरानी डेरे पर हुई कार्रवाई के बाद अब देश के कम से कम 6 राज्यों की पुलिस अलर्ट मोड पर है. वजह साफ है जांच में सामने आया है कि ईरानी गैंग से जुड़े कई लोग अलग-अलग राज्यों में चेन स्नेचिंग, ठगी और अन्य आपराधिक वारदातों में शामिल रहे हैं. भोपाल के ईरानी डेरे में एक नहीं 6 से अधिक गैंग सक्रिय हैं। इस बात का खुलासा पुलिस की अब तक की जांच में हुआ है। इन सभी गैंग में कई दर्जन गुर्गे शामिल हैं। सभी गैंग अपने-अपने तरीकों में माहिर हैं। इन सभी गैंग के लीडर्स अलग-अलग हैं।

Ad

ईरानी डेरा में छुपा है डर, दहशत और रहस्य
भोपाल के अमन कॉलोनी इलाके में स्थित ईरानी डेरा लंबे समय से चर्चा में रहा है. कहा जाता है कि एक समय ऐसा था जब इस डेरे में जाने से पुलिस भी कतराती थी. 12 राज्यों में खौफ का ठिकाना बताए जाने वाले इस डेरे को अपराधियों की सुरक्षित पनाहगाह तक कहा गया. लेकिन हालिया कार्रवाई के बाद पहली बार इस डेरे के भीतर की तस्वीरें और आवाजें सामने आई हैं.

पुलिस की कार्रवाई और संपत्तियों की जांच
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस गैंग के खिलाफ कार्रवाई के बाद भोपाल में चेन स्नेचिंग और छोटी आपराधिक घटनाओं में साफ गिरावट आई है. अब पुलिस का फोकस सिर्फ गिरफ्तारी पर नहीं, बल्कि ईरानी गैंग से जुड़े लोगों की संपत्तियों की जांच पर भी है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों का स्रोत क्या है और कहीं ये अवैध कमाई से तो नहीं बनाई गईं. अधिकारियों का कहना है कि अगर संपत्तियों में गड़बड़ी पाई गई, तो उन पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा.

पुलिस को ईरानी डेरे से दबिश में बड़ी संख्या में मोबाइल, लैपटॉप, सीपीयू, पैनड्राइव आदि मिले हैं। इन सभी का परीक्षण कराया जा रहा है। माना जा रहा है कि इन डिवाइस का इस्तेमाल कर ईरानी चोरी के मोबाइल का सिक्योरिटी लॉक तोड़ने का काम करते थे।

काला ईरानी के काले कारोबार पर नजरें पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि काला ईरानी निशातपुरा इलाके में लंबे समय से प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़ा है। जनता नगर कॉलोनी में उसने कई प्लॉटों को हेरफेर कर बेचा है। काला के करीबी रहीम पर भी पुलिस की नजरें हैं। करोड़ों की संपत्ति के असामी बन चुके काले ईरानी पुलिस बारीकी से तस्दीक करा रही है।

फरार आरोपियों की तलाश में स्पेशल टीमें
पुलिस ने इस मामले में कई विशेष टीमें बनाई हैं, जो तकनीकी और जमीनी स्तर पर लगातार काम कर रही हैं. अलग-अलग राज्यों में इस गैंग के सदस्यों के खिलाफ वारंट जारी हो चुके हैं. पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चाही मिश्र का साफ कहना है कि संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा.

वारदातों के लिए महीनों का सफर ईरानी डेरे में रहने वाले अपराधी चोरी, लूट, ठगी जैसी वारदातों के लिए महीनों कबीले से दूर दूसरे शहर और राज्यों में रहते हैं। इसे सफर में होना कहा जाता है। इस दौरान कबीले के युवक आपराधिक वारदातों को अंजाम देते हैं। पकड़े जाने पर भी माल को सुरक्षित कबीले तक पहुंचाने के लिए दो युवक होते हैं। सफर में जाने वाले युवकों के गिरोह के साथ हर समय दो युवक ऐसे होते हैं जो वारदात में सीधे तौर पर शामिल नहीं होते, लेकिन घटना के बाद मिले माल को लेकर सुरक्षित कबीले तक लाने की जिम्मेदारी इनकी होती है। इसके लिए कई बार आरोपी बाय रोड लग्जरी कार और बाइक से सैकड़ों किलोमीटर तक का सफर तय करते हैं।

रिश्तेदारी का भी मिलता है फायदा जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि गैंग के कई सदस्य आपस में रिश्तेदार हैं। इनके रिश्ते महाराष्ट्र और राजस्थान में बसे परिवारों से जुड़े हुए हैं, जिसकी वजह से वहां इनका नेटवर्क मजबूत बना रहा। यही कारण है कि यह गैंग दिल्ली, मुंबई, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों में बेखौफ होकर वारदात करता रहा।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here