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महिलाओं का स्वास्थ्य संरक्षण और आपातकालीन सेवाओं को सशक्त बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

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महिलाओं का स्वास्थ्य संरक्षण और आपातकालीन सेवाओं को सशक्त बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

उप-स्वास्थ्य केंद्रों तक सर्वाइकल कैंसर की प्रारंभिक जांच की सुविधा, शीघ्र पहचान, समय पर उपचार और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम

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भोपाल

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश में महिलाओं का स्वास्थ्य संरक्षण और आपातकालीन सेवाओं को सशक्त बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में उप-स्वास्थ्य केंद्रों तक सर्वाइकल कैंसर की प्रारंभिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को आपातकालीन देखभाल एवं VIA आधारित स्क्रीनिंग का प्रशिक्षण देकर हम स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सक्षम, संवेदनशील और जन-सुलभ बना रहे हैं। यह पहल शीघ्र पहचान, समय पर उपचार और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण एवं आपातकालीन सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के लिए आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं एवं VIA आधारित गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर स्क्रीनिंग का तीन दिवसीय संयुक्त प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रथम बैच शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, सिवनी में आयोजित किया गया, जिसमें चिकित्सा महाविद्यालय के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा 35 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि मैनिकिन आधारित हैंड्स-ऑन प्रैक्टिस के माध्यम से व्यावहारिक कौशल भी सिखाए गए।

आपातकालीन देखभाल प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रतिभागियों को CPR, ABCDE असेसमेंट, श्वसन एवं रक्तसंचार आपातस्थिति, ट्रॉमा प्रबंधन, रक्तस्राव नियंत्रण, मातृ एवं नवजात आपातकालीन देखभाल जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों का अभ्यास कराया गया। VIA आधारित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग प्रशिक्षण में गर्भाशय ग्रीवा की संरचना, VIA प्रक्रिया के चरण, एसिटिक एसिड का उपयोग, VIA पॉजिटिव/नेगेटिव परिणामों की पहचान, परामर्श, संक्रमण नियंत्रण, दस्तावेजीकरण एवं रेफरल प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने VIA प्रक्रिया का व्यावहारिक अभ्यास कर आवश्यक तकनीकी दक्षता अर्जित की।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की शीघ्र पहचान एवं रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उप-स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर स्क्रीनिंग की सुविधा उपलब्ध होगी और समुदाय में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। आगामी चरणों में इसी प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम मंदसौर, सतना एवं विदिशा के चिकित्सा महाविद्यालयों में आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को आपातकालीन प्रबंधन एवं VIA स्क्रीनिंग में दक्ष बनाया जा सके।

 

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