Home देश धर्मिक स्थलों पर हमले के बाद उपदेश देना घोर पाखंड… भारत ने...

धर्मिक स्थलों पर हमले के बाद उपदेश देना घोर पाखंड… भारत ने UN में PAK को दिखाया आईना

79
0
Jeevan Ayurveda

नई दिल्ली

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के मंच पर भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर फिर पाकिस्तान को बेनकाब किया है। आतंक के पनाहगार को दो टूक शब्दों में जवाब देते हुए कहा कि एक ऐसा देश जो आतंकवादियों और नागरिकों में अंतर नहीं करता, उसको नागरिक सुरक्षा पर ज्ञान देने का अधिकार नहीं है।

Ad

भारत की ओर से पाकिस्तान को फिर एक बार साफ किया कि सिंधु जल समझौता तब तक स्थगित रहेगा जबतक वो आतंकवाद का साथ नहीं छोड़ता।
‘ऐसे देश का चर्चा में भाग लेना अपमान’

संयुक्त राष्ट्र में अरिया फॉर्मूला मीटिंग के दौरान भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथानेनी हरीश ने पाकिस्तान को आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि दशकों से भारत पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को झेलता आया है। इस दौरान उन्होंने मुंबई 26/11 अटैक से लेकर पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र किया और कहा कि इन्होंने इनके निशाने पर हमेशा हमारे आम नागरिक रहे हैं। ऐसे देश के लिए नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा में भाग लेना भी अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का अपमान है।

'PAK को नागरिक सुरक्षा पर बोलने का अधिकार नहीं'

उन्होंने कहा, 'ऐसे देश का नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा में भाग लेना भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय का अपमान है जो देश आतंकवादियों और नागरिकों के बीच कोई अंतर नहीं करता, उसे नागरिकों की सुरक्षा के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है.'

पुरी ने हाल की एक घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तानी सेना ने जानबूझकर भारतीय सीमावर्ती गांवों को निशाना बनाया.

उन्होंने कहा, 'हमलों में 20 से अधिक नागरिक मारे गए और 80 से अधिक घायल हुए. गुरुद्वारों, मंदिरों और कॉन्वेंटों समेत पूजा स्थलों के साथ-साथ स्वास्थ्य केंद्र, अस्पतालों को भी जानबूझकर निशाना बनाया गया. इस तरह के काम करने के बाद इस मंच पर उपदेश देना घोर पाखंड है.'

'भारत ने झेला PAK प्रायोजित हमलों का दर्द'

कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए हरीश ने कहा कि भारत ने दशकों से अपनी सीमाओं पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी हमलों को झेला है.

उन्होंने कहा, 'इसमें मुंबई शहर पर हुए 26/11 के भयानक हमले से लेकर अप्रैल 2025 में पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों की बर्बर सामूहिक हत्या तक शामिल है. पाकिस्तानी आतंकवाद के शिकार मुख्य रूप से नागरिक रहे हैं, क्योंकि इसका उद्देश्य हमारी समृद्धि, प्रगति और मनोबल पर हमला करना रहा है. ऐसे देश के लिए नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा में भाग लेना भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय का अपमान है.'

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने बार-बार आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए नागरिकों को आड़ (कवर) के रूप में इस्तेमाल किया है.

उन्होंने कहा, 'हमने हाल ही में वरिष्ठ सरकारी, पुलिस और सैन्य अधिकारियों को ऑपरेशन सिंदूर के तहत मारे गए आतंकवादियों के अंतिम संस्कार में श्रद्धांजलि देते देखा है. पाकिस्तान एक ऐसा देश है जो आतंकवादियों और नागरिकों के बीच कोई फर्क नहीं करता, उसे नागरिकों की सुरक्षा के बारे में बोलने की कोई अधिकार नहीं है.'

 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here