Home मध्य प्रदेश भोपाल रेल मंडल को सौर ऊर्जा से 105 लाख रुपये की बचत,...

भोपाल रेल मंडल को सौर ऊर्जा से 105 लाख रुपये की बचत, 90 स्थानों पर लगाए गए 2.9 मेगावाट के सोलर प्लांट

10
0
Jeevan Ayurveda

anjanikhabar:

भोपाल
 भारतीय रेलवे पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी दिशा में रेलवे ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रेल मंत्रालय को ‘पीएम सूर्य घर एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। वहीं, पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल में भी सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से बिजली की खपत और खर्च कम करने की दिशा में काम किया जा रहा है। भोपाल मंडल में 90 स्थानों पर करीब 2.9 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाए गए हैं। इनसे चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल से अक्टूबर 2026 तक करीब 21 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ है। इसके चलते रेलवे को लगभग 105 लाख रुपये की अनुमानित बचत हुई है।

Ad

रेल मंत्रालय को मिला पीएम सूर्य घर एक्सीलेंस अवार्ड
रेल मंत्रालय को यह पुरस्कार 5 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026’ में दिया गया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रेल मंत्रालय को यह सम्मान प्रदान किया।

    ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में सबसे अधिक भवनों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की श्रेणी में रेल मंत्रालय ने पहला स्थान हासिल किया है।

    देशभर में रेलवे के 15,868 उपयुक्त भवनों की पहचान की गई है। इनमें से अब तक 12,495 भवनों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। यानी करीब 79 प्रतिशत चिन्हित भवनों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जा चुका है।

    रेल मंत्रालय ने अब तक 351 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए हैं। जबकि लक्ष्य 424 मेगावाट क्षमता हासिल करने का है।

भोपाल मंडल में 90 स्थानों पर सोलर प्लांट
भोपाल मंडल में डीआरएम पंकज त्यागी के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (सामान्य) संजय मनोरिया के नेतृत्व में सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी के तहत मंडल के 90 स्थानों पर करीब 2.9 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट स्थापित किए गए हैं। इनसे रेलवे की बिजली जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है। अप्रैल से अक्टूबर 2026 के बीच इन संयंत्रों से करीब 21 लाख यूनिट बिजली तैयार की गई। इससे रेलवे को लगभग 105 लाख रुपये की अनुमानित बचत हुई है।

एक मेगावाट क्षमता के नए सोलर प्लांट लगाने की तैयारी
भोपाल मंडल में सौर ऊर्जा उत्पादन को और बढ़ाने की तैयारी है। इसके लिए करीब एक मेगावाट क्षमता के नए सोलर प्लांट लगाने का काम चल रहा है। इनके स्थापित होने के बाद मंडल में सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन की क्षमता और बढ़ जाएगी।

बिजली खर्च कम करने के साथ पर्यावरण को भी फायदा
रेलवे में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम हो रही है। इससे बिजली के खर्च में बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। भोपाल मंडल में लगातार बढ़ रही सौर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता भारतीय रेल के स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के लक्ष्य को मजबूती दे रही है। आने वाले समय में नए सोलर प्लांट शुरू होने से रेलवे को बिजली के मामले में और आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here