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डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मनाई दिवाली, तोहफे में मिली हनुमान चालीसा; भारतीयों के लिए दिया बड़ा संदेश?

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anjanikhabar:

वॉशिंगटन
 अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाइट हाउस में भारतीय मूल के लोगों के साथ दिवाली मनाई है। अमेरिकी समय के मुताबिक शुक्रवार को वाइट हाउस में दिवाली समारोह का आयोजन किया गया था। इस दौरान भारतीय मूल के कई प्रभावशाली लोग जैसे कारोबारी विशाल गोंडल, मिशेलिन-स्टार शेफ विकास खन्ना और कनाडा की पूर्व सांसद रूबी ढल्ला शामिल थीं। कारोबारी विशाल गोंडल ने वाइट हाउस के ओवल ऑफिस में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की और अमेरिकी राष्ट्रपति को हनुमान चालीसा की एक प्रति भेंट की।

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मध्यावधि चुनाव में मिली करारी हार के बाद डोनाल्ड ट्रंप दिवाली समारोह में शामिल हुए हैं। माना जा रहा है कि मध्यावधि चुनाव में भारतीय मूल के लोगों ने डेमोक्रेटिक पार्टी को वोट डाले हैं जबकि राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भारतीय मूल के वोटर्स ने ट्रंप को वोट दिए थे। ट्रंप की नीतियां भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ रही हैं और नस्लीय हिंसा में जबरदस्त इजाफा हुआ है।

क्या अब अमेरिका में नस्लीय हिंसा रूकेंगे?
डोनाल्ड ट्रंप, उनके MAGA कैंपैन और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के समर्थकों की जहरीली बयानबाजी की वजह से भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ नस्लीय हिंसा में जबरदस्त इजाफा हुआ है। पिछले महीने एक मंदिर में गोलीबारी की कोशिश की गई थी। हालांकि बंदूक जाम होने की वजह से गोली नहीं चली नहीं तो कई लोगों की मौत हो सकती थी। हमलावर भारतीय मूल के खिलाफ नफरत से भरा था। इसीलिए अब सवाल ये हैं कि क्या ट्रंप के वाइट हाउस में दिवाली कार्रक्रम में शामिल होने से नफरत कम होगा?

कारोबारी गोंडल ने पोस्ट किया 'राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ दिवाली मनाना सम्मान की बात है। उन्हें इस दौरान हनुमान चालीसा भेंट करने पर गर्व है। भगवान राम को समर्मित तुलसीदास की ये रचना जिसे हम लाखों लोग साहस, भक्ति और शक्ति पाने के लिए पढ़ते हैं।' उन्होंने कहा कि दिया जलाने के दौरान उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच मजबूत संबंध बने इस बात की कामना की। उन्होंने लिखा 'जैसे ही दीये जलाए गए मैंने भारत और अमेरिका के बीच दोस्ती के लिए और अंधेरे पर रोशनी की जीत के लिए प्रार्थना की।'

हनुमान चालीसा भेंट करने पर गर्व
उन्होंने कहा कि मुझे उन्हें 'हनुमान चालीसा' की
एक प्रति भेंट करने पर गर्व है। हनुमान चालीसा के बारे में उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान को समर्पित तुलसीदास जी की यह स्तुति, जिसे हममें से लाखों लोग साहस, भक्ति और शक्ति पाने के लिए अक्सर पढ़ते हैं।

भारत-अमेरिका के रिश्ते के लिए की प्रार्थना
गोंडल ने बताया कि दीया जलाने के दौरान उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रार्थना की। उन्होंने लिखा, "जैसे ही दीये जलाए गए, उस दौरान मैंने भारत-अमेरिका के बीच दोस्ती को और बेहतर बनाने के लिए प्रार्थना की। उन्होंने बताया कि अंधेरे पर रोशनी की जीत के लिए कामना की।

जुग-जुग जियो का हुआ जिक्र
गोंडल ने पारंपरिक भारतीय आशीर्वाद "जुग-जुग जियो" का भी जिक्र किया। उन्होंने इसका अर्थ समझाते हुए बताया कि ये शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए है। उन्होंने लिखा, " 'जुग-जुग जियो' – एक ऐसा आशीर्वाद जिसे सुनते हुए हममें से कई लोग बड़े हुए हैं। इसका अर्थ है 'आप युगों-युगों तक जिएं'।"

उन्होंने कहा, "मैं जो कुछ भी करता हूँ, उसके पीछे यही कामना होती है, और आज मैंने दुनिया भर के सभी लोगों के लिए यही कामना की है: शांति, समृद्धि, अच्छा स्वास्थ्य और लंबी उम्र। आप सभी को दीपावली की शुभकामनाएं। जुग-जुग जियो।"

2003 से शुरू हुई थी परंपरा
व्हाइट हाउस में दीवाली मनाने की परंपरा की राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के कार्यकाल से शुरू हुई थी। 2003 से शुरू हुए ये कार्यक्रम मुख्य रूप से आइजनहावर एग्जीक्यूटिव ऑफिस बिल्डिंग में आयोजित किए जाते थे। इनमें भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोग और भारतीय राजनयिक आमतौर पर आते थे। 2009 में, राष्ट्रपति बराक ओबामा व्हाइट हाउस के 'ईस्ट रूम' में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दीया जलाने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बने। इसके बाद से व्हाइट हाउस में ओवल ऑफिस और रूजवेल्ट रूम सहित कई जगहों पर दीपावली के अवसर पर दीये जलाने के कार्यक्रम होते हैं।

वाइट हाउस में दिए जलाने की परंपरा
आपको बता दें कि वाइट हाउस में दिवाली मनाने की परंपरा की शुरुआत 2003 में राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने की थी। शुरुआत में ये कार्यक्रम मुख्य रूप से 'आइजनहावर एग्जीक्यूटिव ऑफिस बिल्डिंग' में आयोजित किए जाते थे जिनमें भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोग और भारतीय राजनयिक शामिल होते थे। लेकिन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 2009 से 'ईस्ट रूम' दिया जलाने की परंपरा की शुरूआत की। इसके बाद से वाइट हाउस में ओवल ऑफिस और रूजवेल्ट रूम सहित कई जगहों पर दिवाली के मौके पर दीये जलाने के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं।

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