Home छत्तीसगढ ​कुरुषनार का कायकल्प: जहाँ कल तक गूंजती थीं बारूद की आहटें

​कुरुषनार का कायकल्प: जहाँ कल तक गूंजती थीं बारूद की आहटें

19
0
Jeevan Ayurveda

anjanikhabar:

रायपुर

Ad

छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ का नाम सुनते ही कभी बीहड़, संवेदनशीलता और सुरक्षा चुनौतियों की तस्वीर जेहन में उभरती थी। लेकिन आज वही अबूझमाड़ बदलाव की एक नई और सुखद इबारत लिख रहा है। छत्तीसगढ के नारायणपुर जिले के विकासखंड ओरछा स्थित कुरुषनार की फिजाओं में अब डर की परछाई नहीं, बल्कि बच्चों की खिलखिलाहट और पढ़ाई का नया उत्साह है। कुरुषनार का यह परिसर, जो कभी सुरक्षा बलों का एक मजबूत कैंप हुआ करता था और जहाँ से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था संचालित होती थी, आज 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत शिक्षा और उम्मीदों का जगमगाता केंद्र बन चुका है। समय के साथ जब क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति में अभूतपूर्व सुधार आया और बलों ने अगले संवेदनशील गंतव्य की ओर रुख किया, तो जिला प्रशासन ने इस खाली परिसर का ऐसा रचनात्मक उपयोग किया जिसने पूरे राज्य के सामने जनकल्याण की एक अनूठी मिसाल कायम कर दी है।

*बंदूक की छांव से 'विद्या के मंदिर' तक का सफर*

*अब वनांचल के बच्चे सीखेंगे Artificial Intelligence (AI)*
 ​बंदूक की छांव से निकलकर विद्या के मंदिर में तब्दील हो चुके इस परिसर में वर्तमान में 110 मासूम बच्चे पूर्णतः सुरक्षित वातावरण में रहकर अपने सपनों को नए पंख लगा रहे हैं। दूरस्थ और वनांचल क्षेत्र होने के कारण यहाँ के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित आवास हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। ऐसे में पूर्व सुरक्षा शिविर का आश्रम शाला के रूप में रूपांतरण होने से न केवल बच्चों को रहने के लिए एक महफ़ूज़ छत मिली, बल्कि उनके सर्वांगीण और व्यक्तित्व विकास के लिए एक अनुकूल शैक्षणिक माहौल भी तैयार हुआ है।

*डिजिटल तकनीक, कोडिंग और आधुनिक विज्ञान की नई खोजों से रूबरू होंगे बच्चे*

दूरस्थ अंचल के इन बच्चों को आधुनिक दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने योग्य बनाने के लिए प्रशासन ने एक दूरदर्शी खाका तैयार किया है। जिला खनिज न्यास (DMF) के माध्यम से इस परिसर को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने का प्रस्ताव बनाया गया है। इसके अंतर्गत अबूझमाड़ के बच्चे अब केवल पारंपरिक पढ़ाई तक सीमित न रहकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लैब के जरिए डिजिटल तकनीक, कोडिंग और आधुनिक विज्ञान की नई खोजों से रूबरू होंगे। इसके साथ ही, बच्चों में स्वाध्याय, साहित्य और सामान्य ज्ञान के प्रति रुचि जगाने के लिए एक समृद्ध पुस्तकालय का निर्माण भी प्रस्तावित है, जो उनकी कल्पनाशीलता और विचारों को विस्तार देगा। 

बच्चों के शारीरिक विकास, अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक आधुनिक खेल मैदान भी तैयार किया जाएगा, जहाँ वे अपनी छिपी हुई प्रतिभा को निखार सकेंगे।

*सुरक्षा से विकास और उज्ज्वल भविष्य की नई भोर*

Qकुरुषनार का यह ऐतिहासिक रूपांतरण केवल एक इमारत का बदलाव मात्र नहीं है, बल्कि यह इस बात का सजीव प्रमाण है कि जब सुरक्षा का विश्वास कायम होता है, तो विकास के द्वार स्वतः खुल जाते हैं। कुरुषनार की यह अनूठी पहल पूरे राज्य को यह संदेश देती है कि जहाँ कभी सुरक्षा का कड़ा पहरा था, आज वहाँ AI तकनीक और पुस्तकों के जरिए नौनिहालों का उज्ज्वल भविष्य गढ़ा जा रहा है। यह सकारात्मक बदलाव अबूझमाड़ के बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें कल के प्रतिभावान नागरिक, इंजीनियर, वैज्ञानिक और खिलाड़ी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here