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गुरुद्वारे वाली आलू-सोयाबीन कढ़ी, घर पर बनाएं आसान और स्वादिष्ट रेसिपी

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Jeevan Ayurveda

 दोपहर में चावल के साथ कढ़ी खाने का अपना ही अलग मजा होता है और इसे बनाने लिए ज्यादा चीजों की भी जरूरत नहीं पड़ती है. भारत में कई तरीके की कढ़ी बनती है, जिन्हें लोग बड़े चाव से खाते हैं. पंजाबी, पहाड़ी और राजस्थानी कढ़ी के बारे में आपने सुना होगा और उनको टेस्ट भी किया होगा, लेकिन क्या आपने आलू-सोयाबीन वाली कढ़ी खाई है, जो गुरुद्वारे में मिलती है. अगर आपको भी गुरुद्वारे में मिलने वाली हल्की, टेस्टी और सुकून देने वाली कढ़ी पसंद है, तो अब उसे घर पर भी आसानी से बना सकते हैं.

आलू और सोयाबीन डालकर बनाई गई यह कढ़ी स्वाद के साथ-साथ पोषण से भी भरपूर होती है. इसमें बेसन, दही और हल्के मसालों का इस्तेमाल होता है, जिससे इसका स्वाद बिल्कुल देसी और घर जैसा लगता है. पकौड़ी के बिना कच्चे आलू और प्रोटीन का पावरहाउस सोयाबीन से बनने वाली इस कढ़ी को चावल और रोटी दोनों के साथ खाया जा सकता है और गर्मी के दिनों में जब दो-दो चीजे बनाने का बिल्कुल मन नहीं करता है, तब आप इस गुरुद्वारे वाली कढ़ी को ट्राई कर सकते है. आइए जानते हैं इसकी आसान रेसिपी.

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आलू-सोयाबीन वाली कढ़ी के लिए इंग्रेडिएंट्स
    1 कप बेसन
    2 कप खट्टा दही
    2 मिडियम शेप के आलू (कटे हुए)
    ½ कप उबली हुई सोयाबीन बड़ी
    1 छोटा चम्मच हल्दी
    1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
    नमक स्वादानुसार
    1 छोटा चम्मच मेथी दाना
    1 छोटा चम्मच जीरा
    चुटकीभर हींग
    2 सूखी लाल मिर्च
    2 बड़े चम्मच सरसों का तेल या घी

गुरुद्वारे वाली कढ़ी बनाने का तरीका

  • सबसे पहले एक बड़े बर्तन में बेसन, खट्टा दही, हल्दी और नमक डालकर अच्छी तरह फेंट लें. अब इसमें 5 से 6 कप पानी मिलाकर पतला घोल तैयार करें. ध्यान रखें कि घोल में बेसन की गांठें बिल्कुल न रहें, तभी कढ़ी का टेस्ट और टेक्सचर अच्छा आएगा.
  • अब एक कड़ाही में थोड़ा सा तेल गर्म करें और कटे हुए आलू हल्के सुनहरे होने तक भून लें. इसके बाद इसमें उबली हुई सोयाबीन बड़ी डालकर 2 से 3 मिनट तक चलाते हुए भूनें, ताकि दोनों नरम हो जाए.
  • दूसरी गहरी कड़ाही या भगोने में सरसों का तेल या घी गर्म करें. इसमें मेथी दाना, जीरा, हींग और सूखी लाल मिर्च डालकर खुशबू आने तक तड़का लगाएं. अब धीरे-धीरे बेसन-दही का तैयार घोल डालें और लगातार चलाते रहें, ताकि कढ़ी फटे नहीं और बेसन नीचे चिपके नहीं.
  • जब कढ़ी में उबाल आने लगे, तब इसमें भुने हुए आलू और सोयाबीन बड़ी डाल दें. अब इसे धीमी आंच पर करीब 25 से 30 मिनट तक पकने दें. बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि कढ़ी अच्छी तरह गाढ़ी हो जाए और सभी स्वाद आपस में मिल जाएं.
  • आखिर में चाहें तो ऊपर से थोड़ा हरा धनिया डालकर गार्निश करें. यह गुरुद्वारे जैसी सादी लेकिन बेहद लाजवाब कढ़ी गरमागरम सादे चावल, जीरा राइस या रोटी के साथ परोसें.

क्यों है ये कढ़ी खास?
    सोयाबीन से मिलता है अच्छा प्रोटीन
    कम तेल में बनती है
    पेट के लिए हल्की
    गुरुद्वारे वाली सादगी और स्वाद दोनों

 

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