Home राज्य उच्च शिक्षा में यूपी की बड़ी छलांग, GER बढ़कर 26 पहुंचा, देश...

उच्च शिक्षा में यूपी की बड़ी छलांग, GER बढ़कर 26 पहुंचा, देश में सबसे ज्यादा नामांकन

12
0
Jeevan Ayurveda

लखनऊ
प्रदेश में उच्च शिक्षा तक युवाओं की पहुंच लगातार बढ़ रही है। अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (एआइएसएसई) हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश का सकल नामांकन अनुपात (ग्रास एनरोलमेंट रेशियो-जीईआर) पिछले पांच वर्षों में 22.5 से बढ़कर 26 हो गया है।

यह प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार का सकारात्मक संकेत है। वहीं, 72.7 लाख विद्यार्थियों के नामांकन के साथ उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उच्च शिक्षा वाला राज्य है।

Ad

इसके बावजूद प्रदेश का जीईआर अभी भी राष्ट्रीय औसत 30 से करीब चार प्रतिशत अंक कम है। ऐसे में अब उच्च शिक्षा विभाग के सामने केवल नामांकन बढ़ाना नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता, ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच, सीटों का विस्तार और ड्रापआउट कम करना सबसे बड़ी चुनौती है।

जीईआर 18 से 23 वर्ष आयु वर्ग की कुल आबादी की तुलना में उच्च शिक्षा में नामांकित विद्यार्थियों का अनुपात होता है। इसे किसी भी राज्य में उच्च शिक्षा की पहुंच का सबसे महत्वपूर्ण सूचक माना जाता है। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2019-20 में जीईआर 22.5 था, जो 2020-21 में 23.2, 2021-22 में 24.1, 2022-23 में 25.5 और 2023-24 में बढ़कर 26 हो गया।

यह लगातार सुधार दर्शाता है कि अधिक युवा उच्च शिक्षा से जुड़ रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी इसी अवधि में जीईआर 25.6 से बढ़कर 30 हो गया है। यानी उत्तर प्रदेश ने अच्छी प्रगति की है, लेकिन राष्ट्रीय औसत तक पहुंचने के लिए अभी और तेज गति से काम करना होगा।

खासकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में कालेजों की उपलब्धता बढ़ाने, सीटों का विस्तार करने और आर्थिक व सामाजिक कारणों से पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम करने पर विशेष ध्यान देना होगा।

रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में छात्राओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। छात्रवृत्ति योजनाओं, नए कालेजों की स्थापना और बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने वाली सरकारी पहलों का इसका सकारात्मक असर माना जा रहा है।

हालांकि, अन्य राज्यों की तुलना बताती है कि उत्तर प्रदेश के सामने अभी लंबा सफर बाकी है। दिल्ली का जीईआर 53, उत्तराखंड 48.5 और हिमाचल प्रदेश 46.4 है, जबकि पंजाब 30.8 के साथ राष्ट्रीय औसत से ऊपर है।

दूसरी ओर बिहार (17.7), झारखंड (19.4), जम्मू-कश्मीर (21.5), छत्तीसगढ़ (24) और पश्चिम बंगाल (24.5) उत्तर प्रदेश से पीछे हैं। मध्य प्रदेश का जीईआर 29 है, जो राष्ट्रीय औसत के करीब है।

लखनऊ विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर एमके अग्रवाल का कहना है कि केवल नामांकन बढ़ना पर्याप्त नहीं है। उच्च शिक्षा को रोजगार, शोध, नवाचार और कौशल विकास से जोड़ना होगा। यदि पहुंच के साथ गुणवत्ता में भी सुधार होता है तो प्रदेश देश के उच्च शिक्षा परिदृश्य में अग्रणी भूमिका भी निभा सकता है।

सबसे अधिक नामांकन वाला प्रदेश
उच्च शिक्षा में सबसे अधिक नामांकन वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश 72.7 लाख विद्यार्थियों के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद महाराष्ट्र (46.5 लाख), तमिलनाडु (35.8 लाख), मध्य प्रदेश (27.7 लाख), कर्नाटक (27.6 लाख) और बिहार (27.6 लाख) हैं। इन छह राज्यों में देश के कुल उच्च शिक्षा नामांकन का 52.9 प्रतिशत हिस्सा है।

यही राज्य 18 से 23 वर्ष आयु वर्ग की देश की कुल आबादी का भी लगभग 52.9 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करते हैं। बिहार, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, केरल, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, छत्तीसगढ़, असम और उत्तराखंड ऐसे राज्य हैं जहां छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है।

 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here