Home देश पॉक्सो मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को हाई कोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर...

पॉक्सो मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को हाई कोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक

30
0
Jeevan Ayurveda

नई दिल्ली
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की बेंच ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत की याचिका पर फैसला रिजर्व करते हुए फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि आदेश सुनाए जाने तक उनकी गिरफ्तारी नहीं होगी। इस आदेश के बाद पुलिस फिलहाल स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को गिरफ्तार नहीं कर सकेगी। हालांकि कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जांच में सहयोग करने को भी कहा है। अब सभी की नजरें कोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

हाई कोर्ट में शुक्रवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मामले में अग्रिम जमानत की पोषणीयता पर बहस हुई। इसमें राज्य सरकार और शिकायतकर्ता के अधिवक्ताओं ने अग्रिम जमानत का विरोध किया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने दलीलें पेश कीं। उनकी ओर से शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी की क्रिमिनल हिस्ट्री की जानकारी दी गई। कोर्ट में इस मामले में दर्ज एफआईआर को भी पढ़ा गया। एक बच्चे के बारे में कहा गया कि वह मार्कशीट में बालिग है। उधर, शिकायतकर्ता की ओर से हाई कोर्ट में पेश हुए अधिवक्ता ने अग्रिम जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों के वकीलों के बीच हुई जिरह को सुनने के बाद कोर्ट ने अग्रिम जमानत पर अपना फैसला सुनाया।

Ad

सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता ने अपनी दलीलें पेश कीं। उन्होंने भी अग्रिम जमानत का विरोध किया। बता दें कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, मुकुंदानंद और दो-तीन अन्य लोगों के खिलाफ दो बटुकों की ओर से पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। पुलिस द्वारा एफआईआर न किए जाने पर आशुतोष ब्रह्मचारी ने 173 (4) के तहत जिला अदालत में याचिका दाखिल की थी। रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट के जज विनोद कुमार चौरसिया के आदेश के बाद झूंसी थाने की पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, मुकुंदानंद और दो-तीन अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की बेंच ने शुक्रवार को दोपहर बाद इस याचिका पर सुनवाई की। केस की संवेदनशीलता को देखते हुए कानूनी गलियारों में इस पर सबकी नजरें टिकी हुई थीं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने लगे आरोपों को पूरी तरह निराधार और सत्ता का षड़यंत्र बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि जांच में शिकायतकर्ता आशुतोष महाराज पुलिस के साथ क्यों मौजूद है? स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनुसार पीड़ित बताए जा रहे बच्चे लंबे समय से आशुतोष ब्रह्मचारी के पास ही रह रहे हैं। उन्होंने 17 जनवरी की घटना को पूरी तरह झूठा करार दिया।

 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here