उत्तर प्रदेश

 बरेली में खुलेगी यूपी की पहली फॉरेस्ट यूनिवर्सिटी, पढ़ाई के साथ यहां होगी रिसर्च

 बरेली
उत्तर प्रदेश की पहली फारेस्ट यूनिवर्सिटी बरेली में खोलने की तैयारी है। प्रदेश सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना के साथ वन विभाग ने इसके लिए जमीन का भी चयन किया है। अब जमीन वन विभाग को हस्तांतरित करने के लिए प्रशासन को फाइल भेजी जाएगी। फारेस्ट यूनिवर्सिटी में शिक्षण के साथ ही शोध भी होगा।

वानिकी विषय पर आधारित कोई शैक्षणिक संस्थान प्रदेश में नहीं है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व, दुधवा नेशनल पार्क समेत कई बड़े वन्य जीव स्थल और चिड़ियाघर होने के बाद भी शैक्षणिक मंच पर इसकी कमी को देखते हुए अब बरेली में प्रदेश की पहली फारेस्ट यूनिवर्सिटी खोलने की कवायद शुरू हो गई है। मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की थी और इस बाबत जमीन तलाश करने का निर्देश दिया था। 
 
रामगंगा के आगे मंझा गांव में करीब 113 हेक्टेयर जमीन विभागीय अधिकारियों ने देखी है। यह जमीन फारेस्ट यूनिवर्सिटी के लिए सही बताई जा रही है। जमीन ग्राम समाज की है। ऐसे में पहले उसे वन विभाग को हस्तांतरित किया जाना आवश्यक है। इस बाबत वन विभाग ने प्रशासन से संपर्क साधा है। फारेस्ट यूनिवर्सिटी में वानिकी विषय पर बीएससी, एमएससी की पढ़ाई होगी। मंत्री डॉ. अरुण कुमार फारेस्ट यूनिसर्विटी के लिए जमीन देखने मंझा गांव गए।

ये है करियर
कम लोग इस फील्‍ड में करियर बनाने का विचार करते हैं। हालांकि इसमें करियर बना सकते हैं जो अलग और खास होता है। फॉरेस्‍ट और उसके विकास विज्ञान को फॉरेस्‍ट्री कहते हैं। फोरेस्‍ट्री का कोर्स करने के बाद स्‍टूडेंट्स को गवर्नमेंट और प्राइवेट किसी भी सेक्‍टर में जॉब मिल सकती है। फॉरेस्‍ट्री में फॉरेस्‍ट काउंसलर, फॉरेस्‍ट रेंज ऑफिसर, फॉरेस्‍ट गार्ड और जू क्‍यूरेटर के पद पर कार्य किया जा सकता है।
 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button