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‘बुरे वक्त में ही होती है सच्चे दोस्त की पहचान’ , भारत की मदद पर बोला तुर्की

  नई दिल्ली
भूकंप ने तुर्की और सीरिया में भीषण तबाही मचाई है. अब तक 4 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. 15 हजार से ज्यादा लोग जख्मी हैं. 5.6 हजार घर और इमारतें पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं. मुश्किल की इस घड़ी में भारत तुर्की की मदद के लिए आगे आया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदेश पर भारत ने तुर्की को फौरन मदद भेजी है. भारत से NDRF की रेस्क्यू टीम, दवाइयां और मेडिकल टीम का पहला जत्था तुर्की के लिए रवाना हो गया है. राहत सामग्री एयर फोर्स के प्लेन से भेजी गई है. बुरे वक्त में भारत की इस मदद पर तुर्की ने तहेदिल से शुक्रिया अदा किया है.

भारत के विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने भारत में स्थित तुर्की के दूतावास पहुंचकर मुसीबत की इस घड़ी में साथ खड़े होने का वादा किया. तुर्की के राजदूत फिरात सुनेल से मिलकर मुरलीधरन ने भूकंप से हुई तबाही पर दुख जताया और भारत की तरफ से की जाने वाली मदद के बारे में भी बताया. इस मुलाकात के बाद फिरात सुनेल ने ट्वीट कर भारत का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा, 'हिंदी और तुर्की दोनों भाषाओं में दोस्त आम बोलचाल का शब्द है. उन्होंने आगे कहा कि तुर्की भाषा में एक कहावत है. Dost kara günde belli olur यानी मुश्किल समय में काम आने वाला ही सच्चा दोस्त होता है (a friend in need is a friend indeed). भारत का तहेदिल से शुक्रिया.

इससे पहले पीएम मोदी ने तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन के ट्वीट पर जवाब देते हुए कहा था, 'तुर्की में भूकंप के कारण जान-माल के नुकसान से दुखी हूं. शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं. आशा करता हूं कि घायलों की सेहत में जल्द सुधार आए. भारत तुर्की के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और इस त्रासदी से निपटने के लिए हर संभव मदद देने के लिए तैयार है.' पीएम मोदी के साथ ही विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी तुर्की में तबाही पर शोक जताया था. उन्होंने ट्वीट किया था, 'तुर्की में आए भूकंप में जान-माल की क्षति से काफी दुखी हूं. तुर्की के विदेश मंत्री को अवगत करा दिया गया है कि इस कठिन समय में हमारी संवेदना और समर्थन तुर्की के साथ हैं.'

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