मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश के उज्जवल भविष्य के लिए ,एक-एक उद्योगपति से खुद मिल रहे सीएम

इंदौर

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वे समिट में शामिल होने के लिए इंदौर पहुंचे उद्योगपतियों से खुद वन टू वन कर रहे हैं और उनके द्वारा निवेश के लिए इच्छा जताने पर भूमि की व्यवस्था और अन्य अनुमतियां तुरंत दिलाने के लिए कह रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए दिल्ली, मुंबई, पुणे और बैंगलुरू में रोड शो किए थे जिसके चलते यहां उद्योगपति पहुंचे हैं। सीएम चौहान इस समिट को इसी के चलते प्रदेश के लिए गेम-चेंजर और मील का पत्थर साबित होने वाला मान रहे हैं।

मध्यप्रदेश-भविष्य के लिए तैयार राज्य थीम पर होने जा रही इस समिट में पर्यावरण-संरक्षण का पूरा ध्यान रखा गया है। यह पूरी तरह कार्बन न्यूट्रल और जीरो वेस्ट पर आधारित है। इन्वेस्टर समिट में देश और विदेश के निवेशकों को लाने के लिए औद्योगिक निवेश के अनुकूल वातावरण की तमाम परिस्थितियों का प्रजेंटेशन यहां किया गया। समिट का उद्देश्य राज्य की नीतियों को बढ़ावा देना, उद्योग अनुकूल नीतियां बनाने के लिए औद्योगिक संगठनों के साथ परामर्श कर प्रदेश में निवेशक फ्रेंडली वातावरण बनाना, सहयोग के अवसर और निर्यात क्षमता को बढ़ावा देना है।इस ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 65 से अधिक देशों के प्रतिनिधि-मंडल शामिल हो रहे हैं। इसमें 20 से अधिक देशों के राजदूत, उच्चायुक्त, वाणिज्य दूतावास और राजनयिक हैं। जीआईएस के अंतर्राष्ट्रीय मंडप में 9 भागीदार देश और 14 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संगठन अपने देशों के विभिन्न पहलुओं का प्रदर्शन दो दिन के अंतराल में करेंगे।

ये उद्योगपति पहुंचे हैं समिट में
ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में जो उद्योगपति शामिल हो रहे हैं उनमें कुमार मंगलम बिड़ला, नोएल टाटा, नादिर गोदरेज, पुनीत डालमिया और अजय पीरामल सहित भारत के 500 से अधिक प्रमुख उद्योगपति शामिल हैं। यहां फार्मा, आईटी, आॅटोमोबाइल, कपड़ा, वस्त्र, रसायन, सीमेंट, खाद्य प्रसंस्करण, रसद, पेट्रोकेमिकल, पर्यटन, नवकरणीय ऊर्जा, सेवाओं आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगपतियों की भागीदारी है।

एआई रोबोट और स्थानीय व जनजातीय कला
यहां एक औद्योगिक प्रदर्शनी एक लाख वर्ग फुट में लगाई गई है। इसमें औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 100 से अधिक उद्योगों द्वारा स्टॉल लगाए गए हैं और प्रतिभागियों को सूचित करने के लिए एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) रोबोट हैं। राज्य की सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित करने के लिए एक सांस्कृतिक क्षेत्र भी बनाया गया है जिसमें स्थानीय एवं जनजातीय कला जैसे गोंड पेंटिंग, भील पेंटिंग, जरी-जरदोजी, जूट, बाग प्रिंट, बाटिक प्रिंट, गुड़िया, बाँस कला, घंटी कारीगरों द्वारा धातु शिल्प और हथकरघा जैसे चंदेरी और महेश्वरी वस्त्रों आदि का प्रदर्शन किया गया है।

प्रदर्शनी में समर्पित मध्यप्रदेश पवेलियन
यहां एक प्रदर्शनी लगाई गई है जिसमेंं एक समर्पित मध्यप्रदेश पवेलियन है जो औद्योगिक बुनियादी ढांचे, मौजूदा और आगामी औद्योगिक पार्कों, प्रमुख निवेश परियोजनाओं को प्रदर्शित किया गया है। इसमें प्रदेश की विरासत, संस्कृति, वन्य-जीवन आदि को भी कवर किया गया है। साथ ही प्रदेश में निवेश कर रहीं प्रमुख कंपनियां फार्मा, आईटी, आॅटोमोबाइल्स, टेक्सटाइल्स, गारमेंट्स, केमिकल्स, सीमेंट, फूड प्रोसेसिंग आदि ने विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित अपने उत्पादों का प्रदर्शन भी किया है।

क्रेता-विक्रेता मीट और विक्रेता विकास कार्यक्रम
समिट के दौरान राज्य के एमएसएमई को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने और राज्य से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए क्रेता-विक्रेता मीट का आयोजन किया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से यूएसए, कनाडा, इंग्लैंड, जापान, इजराइल, नीदरलैंड, सिंगापुर, थाईलैंड, कंबोडिया, बांग्लादेश और अफ्रीकी देशों के खरीददार शामिल हैं। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों जैसे फार्मास्युटिकल, टेक्सटाईल, इंजीनियरिंग, कृषि और आईटी सेवाओं के 1500 से अधिक निर्यातक सहभागिता करेंगे।

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