राजनीति

शशि थरूर की केरल में ‘दिलचस्पी’ बढ़ा सकती है कांग्रेस में टेंशन 

 तिरुवनंतपुरम 

केरल कांग्रेस में फिर उथल-पुथल के आसार हैं। तिरुवनंतपुरम सांसद शशि थरूर ने संकेत दे दिए हैं कि वह राज्य की राजनीति में सक्रिय होना चाहते हैं। खास बात है कि बीते साल उनके केरल दौरे के चलते प्रदेश इकाई में हलचल की खबरें आई थी। कहा जा रहा था कि थरूर के केरल में हुए दौरों के चलते कई बड़े कांग्रेस नेता असहज हो रहे हैं। सोमवार को थरूर ने कहा, 'सभी चाहते हैं कि वह राज्य में काम करें और वह निमंत्रण के खिलाफ नहीं जा सकते।' हाल ही में कांग्रेस सांसद ने कोट्टायम स्थित ऑर्थोडॉक्स चर्च के प्रमुख से मुलाकात की थी। कहा जा रहा है कि यह बैठक थरूर के प्रदेश में राजनीतिक दायरे को बढ़ाने के मकसद से हुई थी।

चर्चा के बाद थरूर ने मीडिया को बताया कि ऑर्थोडॉक्स चर्चा के प्रमुख चाहते हैं कि वह केरल में और सक्रिय हो जाएं। उन्होंने कहा, 'मुझे (केरल में काम करने में) दिलचस्पी है। कई लोग मुझे केरल में ज्यादा सक्रिय होने के लिए कह रहे हैं, जो मेरी कर्मभूमि है। मैं यहां से नहीं भागूंगा। 2026 में अभी समय हैं और इससे पहले यहां काफी कुछ किया जाना है।' खास बात है कि 2026 में केरल में विधानसभा चुनाव होने हैं। हालिया बैठकों को लेकर थरूर ने कहा कि उनका काम केवल बिशप या दूसरे धार्मिक नेताओं से मिलने तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, 'केरल में बहुत मजबूत सिविक सोसाइटी है। हमें उन्हें समझकर और सम्मान के बाद काम करना चाहिए। मैं एक के बाद एक से मुलाकात कर रहा हूं।'

खास बात है कि केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चंडी का संबंध ऑर्थोडॉक्स चर्च से है। यह माना जाता है कि थरूर को चंडी का समर्थन हासिल है। इधर, ईसाई और मध्य केरल में नायर समुदाय भी चंडी का समर्थन करता है। हालांकि, पूर्व सीएम ने अब तक थरूर की सियासी गतिविधियों पर चुप्पी साध रखी है। जबकि, केसी वेणुगोपाल, वीडी सतीशन और रमेश चेन्नीथला असहजता दिखा चुके हैं।

कार्यक्रम हो गए थे कैंसिल
बीते साल नवंबर में थरूर के उत्तर केरल दौरे पर एक कार्यक्रम कैंसिल हो गया था। कांग्रेस की कोझिकोड इकाई ने उनके भाषण से दूरी बना ली थी। इसे लेकर जमकर विवाद खड़ा हुआ था। पार्टी के वरिष्ठ नेता के मुरलीधरन ने आरोप लगाए थे कि कांग्रेस में सीएम बनने की इच्छा लगाए बैठे लोगों ने यह किया है। कोझिकोड कांग्रेस सांसद एमके राघवन ने घटना पर आंतरिक जांच की मांग उठा दी थी।
 

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