खेती से अधिक लाभ लेने के लिये अपनाना होगा फसल विविधिकरण – कृषि मंत्री पटेल

भोपाल

हरदा जिले के ग्राम सिरकम्बा के उन्नत कृषक मधु धाकड़ ने फसल विविधिकरण को अपना कर खेती से करोड़ों रुपये का लाभ अर्जित किया है। प्रदेश के अन्य किसानों को भी इससे प्रेरणा लेकर फसल विविधिकरण को अपनाना चाहिये।

किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने कृषक मधु धाकड़ से लिये इंटरव्यू के बाद यह बात कही। कृषि मंत्री पटेल ने कहा कि मुझे यह जानकारी मिली थी कि हरदा जिले के एक किसान ने पारम्परिक खेती से हटकर उद्यानिकी फसलों को अपनाया और अच्छी आमदनी प्राप्त की है। ऐसे सफल कृषक से मिलने और उसके कारण जानने के लिये मैंने उसका साक्षात्कार लिया और उसकी सफलता के राज जाने।

मंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कृषि को लाभ का धंधा बनाने के लिये किये जा रहे प्रयासों को धरातल पर उतारने के लिये कृषि विभाग अनेक नवाचार भी कर रहा है। कृषकों को खाद-बीज के साथ आवश्यक प्रशिक्षण भी उपलब्ध करवाया जा रहा है।

मंत्री पटेल ने कहा कि पारम्परिक खेती में संलग्न लोगों के लिये यह जानना जरूरी है कि किस प्रकार से कृषि पद्धति में परिवर्तन कर खेती को भी लाभ का धंधा बनाया जा सकता है। यह जानने के लिये वे सिरकम्बा के उन्नत कृषक धाकड़ से उनके गाँव जाकर मिले। वहाँ उन्होंने यह जाना कि कृषक धाकड़ ने कृषि पद्धति में परिवर्तन कर खेती से अधिक लाभ कैसे अर्जित किया। मंत्री पटेल ने बताया कि धाकड़ ने गेहूँ, चना, सरसों जैसे पारम्परिक फसलों के स्थान पर मिर्च, टमाटर, अदरक, शिमला मिर्च इत्यादि उद्यानिकी फसलों की खेती करने का साहसिक फैसला लिया। उन्होंने बताया कि इससे निश्चित ही लागत में वृद्धि हुई, लेकिन लाभ में भी कई गुना वृद्धि हुई। धाकड़ के इस फैसले से क्षेत्र में 350 से 400 लोगों को नियमित रूप से रोजगार भी मिलने लगा।

 टमाटर की बिक्री जारी, अब तक 8 करोड़ का बेचा

मंत्री पटेल ने बताया कि लगातार परिश्रम और धन राशि खर्च करने के बाद भी खेती की लागत के बराबर लाभ नहीं होने पर धाकड़ ने 10-12 वर्ष पूर्व फसल चक्र परिवर्तन का फैसला लिया। अब धाकड़ उद्यानिकी फसलें ही लेते हैं। पटेल ने बताया कि इस वर्ष धाकड़ ने 70 एकड़ में टमाटर, 60 एकड़ में शिमला मिर्च और 20 एकड़ में अदरक लगाया। टमाटर में प्रति एकड़ 2 लाख रुपये का खर्च आया, जबकि आय 10 लाख 50 हजार रुपये प्रति एकड़ हुई। अर्थात शुद्ध 8 लाख 50 हजार का मुनाफा हुआ। इस वर्ष 7 से 8 करोड़ रुपये का टमाटर बेचा जा चुका है और अभी टमाटर की बिक्री चालू है।

प्रति एकड़ 7 से 8 लाख रुपये का फायदा मिर्च में

मंत्री पटेल ने बताया कि उन्नत कृषक धाकड़ ने इस वर्ष प्रति एकड़ समस्त खर्च के बाद भी 7 से 8 लाख रुपये प्रति एकड़ मिर्च बेचकर कमाये हैं। उनकी मिर्च गुजरात के व्यापारियों के माध्यम से दुबई तक एक्सपोर्ट की गई है। धाकड़ ने इस वर्ष 60 एकड़ में मिर्च की फसल लगाई है। मंत्री पटेल ने बताया कि संयुक्त परिवार में रहने वाले धाकड़ बहुत प्रसन्न हैं, क्योंकि उन्होंने नवाचार और साहस के साथ खेती करके अधिकतम लाभ कमाने के लक्ष्य को हासिल किया है।