डीन एल्गर DRS विवाद पर पहली बार बोले, बताया कैसे टीम ने उठाया इसका फायदा

नई दिल्ली
साउथ अफ्रीका की टीम के कप्तान डीन एल्गर ने केपटाउन टेस्ट मैच में मिली जीत को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। डीन एल्गर ने कहा है जब डीआरएस विवाद हुआ तो उनको टारगेट के करीब पहुंचने का मौका मिल गया। भारतीय टीम डीआरएस विवाद में फंसी हुई थी और बयानबाजी कर रही थी और दूसरी ओर कप्तान डीन एल्गर ने कीगन पीटरसन के साथ मिलकर साउथ अफ्रीका की जीत की नींव रख दी। बाएं हाथ के बल्लेबाज डीन एल्गर को अंपायर मराइस इरासमस को lbw आउट दे दिया था, लेकिन थर्ड अंपायर ने डीआरएस लेने के बाद फैसला बदलवा दिया था, क्योंकि हॉक-आई टेक्नोलोजी ने दिखाया था कि बॉल की ट्राजेक्टरी स्टंप्स के ऊपर है। ऐसे में जब फैसला बदला तो भारतीय खिलाड़ी आग बबूला हो गए। कप्तान विराट कोहली, उपकप्तान केएल राहुल और गेंदबाज आर अश्विन बयानबाजी कर रहे थे।  

पूरे भारतीय कैंप में सिर्फ और सिर्फ डीआरएस की चर्चा थी और स्टंप्स माइक के जरिए ब्रॉडकास्टरों पर कमेंट किए जा रहे थे। इस बीच 212 के टारगेट का पीछा कर रही साउथ अफ्रीका की टीम को लक्ष्य को हासिल करने का मौका मिल गया, क्योंकि 200 से ज्यादा रन का लक्ष्य न्यूलैंड्स की परिस्थितियों में मुश्किल था। वहीं, जब डीआरएस ने एल्गर को बचाया तो उस समय टीम का स्कोर 1 विकेट पर 60 रन था, लेकिन इसके बाद 8 ओवर में टीम ने 40 रन बटोरकर मैच को अपनी मुट्ठी में कर लिया। मैच 7 विकेट से और सीरीज 2-1 से जीतने के बाद मेजबान टीम के कप्तान डीन एल्गर ने कहा, "इससे स्पष्ट रूप से हमें थोड़ी सी विंडो (रन बनाने के लिए) मिली थी। विशेष रूप से कल (गुरुवार) हमें थोड़ा फ्री होकर रन बनाने थे और जाहिर है कि लक्ष्य को पाने के लिए हमको ऐसा करने की जरूरत थी। कुछ समय के लिए वे वास्तव में मैच के बारे में भूल गए थे और वे टेस्ट क्रिकेट के भावनात्मक पक्ष को थोड़ा और चुनौती दे रहे थे।"वहीं, इस विवाद पर कप्तान डीन एल्गर ने कहा, "मुझे ये अच्छा लगा। यह स्पष्ट रूप से शायद एक टीम थी जो थोड़े दबाव में थी और चीजें उस तरह से नहीं चल रही थीं। हां हम बेहद खुश हैं। हमें बल्ले से आखिरी पारी में अपने कौशल का प्रदर्शन करना था, यह जानते हुए कि विकेट गेंदबाजों के पक्ष में भी था और हमें वहां अतिरिक्त अनुशासित होने और अपनी बुनियादी बातों पर अमल करने की जरूरत थी।"