रिजर्व बैंक ने अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर कई अंकु , अब 10000 रुपये से अधिक नहीं निकाल पाएंगे खाताधारक लगाया प्रतिबंध

मुंबई।
भारतीय रिजर्व बैंक ने महाराष्ट्र के अहमदगर स्थित नगर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर कई अंकुश लगा दिए हैं। इन अंकुशों के तहत बैंक के ग्राहकों के लिए अपने खातों से निकासी की सीमा 10 हजार रुपये तय की गई है। बैंक की खराब होती वित्तीय स्थिति के मद्देनजर केंद्रीय बैंक ने यह कदम उठाया है।

बैंकिंग नियमन अधिनियम (सहकारी समितियों के लिए लागू), 1949 के तहत ये अंकुश छह दिसंबर, 2021 को कारोबार के घंटों की समाप्ति से छह महीने की अवधि के लिए लागू रहेंगे और इनकी समीक्षा की जाएगी। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि बैंक उसकी अनुमति के बिना न तो कोई ऋण या अग्रिम देगा और न ही किसी कर्ज का नवीकरण करेगा। साथ ही बैंक के किसी तरह का निवेश करने, किसी तरह की देनदारी लेने, भुगतान और संपत्तियों के हस्तांतरण या बिक्री पर भी रोक रहेगी।

रिजर्व बैंक ने कहा कि बैंक के ग्राहक अपने बचत बैंक या चालू खातों से 10,000 रुपये से अधिक की राशि नहीं निकाल सकेंगे। रिजर्व बैंक के आदेश की प्रति बैंक परिसर में लगाई गई है, जिससे ग्राहकों को इसकी जानकारी मिल सके। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि इन अंकुशों का मतलब बैंकिंग लाइसेंस रद्द करने से नहीं लिया जाना चाहिए।

इससे पहले केंद्रीय बैंक ने महाराष्ट्र स्थित मल्कापुर शहरी सहकारी बैंक की वित्तीय स्थिति खराब होने से उस पर निकासी सीमा समेत कई पाबंदियां लगा दी हैं। अब केंद्रीय बैंक की पूर्व-अनुमति के बगैर मल्कापुर शहरी सहकारी बैंक न तो किसी कर्ज का नवीनीकरण करेगा और न ही किसी तरह का निवेश या भुगतान कर सकता है।

छह महीनों तक प्रभावी रहेंगी पाबंदियां
केंद्रीय बैंक ने कहा कि इस सहकारी बैंक पर लगाई गई ये पाबंदियां बुधवार शाम से अगले छह महीनों तक प्रभावी रहेंगी। हालांकि, उसने यह साफ कहा है कि ये पाबंदियां लगाने का मतलब यह नहीं है कि मल्कापुर सहकारी बैंक को बैंकिंग गतिविधियों से रोका गया है। रिजर्व बैंक के मुताबिक, यह सहकारी बैंक अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार होने तक कुछ बंदिशों के साथ बैंकिंग कामकाज करता रहेगा।