कोरोना का नया वैरिएंट ए वाय-4… फिलहाल छत्तीसगढ़ में प्रभाव नहीं, पर त्यौहारी भीड़ ने बढ़ाई चिंता

रायपुर। राजधानी समेत पूरे प्रदेश में त्यौहारी भीड़ बाजारों में जमकर टूट पड़ी है। इस बीच राज्योत्सव को लेकर रायुपर में विभिन्न आयोजन भी हो रहे हैं। हालांकि छत्तीसगढ़ में कोरोना का नया  वैरिएंट  ए वाय-4 का कोई लक्षण नहीं मिला है लेकिन चिंता तो बढ़ गई है। इसलिए कि पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में डेल्टा प्लस से म्यूटेट होकर बने ए वाय-4 वैरिएंट के सात मामलों की पहचान हुई है।
अभी छत्तीसगढ़ में कोरोना की संक्रमण साप्ताहिक दर 0.1 प्रतिशत चल रही है। वहीं स्वास्थ्य विभाग लगातार देश भर से आ रही रिपोर्ट पर नजर रखे हुए है। इसमें नेशनल सेंटर आॅफ डिजीज कंट्रोल की जीनोम सीक्वेंसिंग रिपोर्ट भी एक है।

छत्तीसगढ़ में महामारी नियंत्रण के संचालक डॉ. सुभाष मिश्रा का कहना है, वायरस में म्यूटेशन सामान्य प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया में वह कभी पहले से अधिक खतरनाक हो जाता है और कभी-कभी पहले से बेहद कमजोर। नियमित रूप से यहां से रैंडम सैंपल विशाखापट्टनम की लैब में भेजे जाते हैं। वे अपनी रिपोर्ट नेशनल सेंटर आॅफ डिजीज कंट्रोल को देते हैं। वहां से विश्लेषण के बाद हम तक सूचना आती है। अगर म्यूटेशन अथवा कुछ खतरे की बात दिखी तो वह रिपोर्ट हमें आगाह कर देती है। फिलहाल छत्तीसगढ़ से भेजे गए किसी नमूने में म्यूटेशन की पुष्टि नहीं हुई है।

डॉ. सुभाष मिश्रा कहते हैं, वायरस का म्यूटेशन कैसा भी हो उससे बचाव और इलाज का तरीका वही है। सभी को टीका लगवाना है। बाहर निकलते समय मास्क लगाएं, भीड़ से बचें, शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करें और हाथ को साबुन-पानी से धोते रहें अथवा सेनिटाइज करें। लक्षण दिखने पर जांच कराएं। पुष्टि होने के बाद इलाज के प्रोटोकॉल का पालन करें।