SCO समिट में बोले पीएम मोदी- इस मंच पर बार-बार द्विपक्षीय मुद्दों को लाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण 

नई दिल्ली
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन की बैठक को सबोधित किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मोदी ने इस समिट में बोलते हुए कहा कि अभूतपूर्व महामारी के इस अत्यंत कठिन समय में भारत के फार्मा उद्योग ने 150 से अधिक देशों को आवश्यक दवाएं भेजी हैं। दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादक देश के रूप में भारत अपनी वैक्सीन उत्पादन और वितरण क्षमता का उपयोग इस संकट से लड़ने में पूरी मानवता की मदद करने के लिए करेगा। 

 इशारे में चीन को संदेश लेते हुए प्रधानंत्री मोदी ने कहा, भारत का मानना है कि संपर्क बढ़ाने के लिए जरूरी है कि हम एक दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते हुए आगे बढ़ें। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एससीओ एजेंडा में बार-बार अनावश्यक रूप से द्विपक्षीय मुद्दों को लाने के प्रयास हो रहे हैं, जो एससीओ चार्टर और शंघाई स्प्रिट का उल्लंघन है। इस तरह के प्रयास एससीओ को परिभाषित करने वाली सर्वसम्मति और सहयोग की भावना के विपरीत हैं।

इस वर्चुअल समिट की मेजबानी रूस कर रहा है, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। समिट में पीएम मोदी ने कहा कि भारत का शांति, सुरक्षा और समृद्धि पर दृढ़ विश्वास है। हमने हमेशा आतंकवाद, अवैध हथियारों की तस्करी, ड्रग्स और मनी लॉन्डरिंग के विरोध में आवाज उठाई है। भारत एससी के चार्टर में निर्धारित सिद्धांतों के अनुसार काम करने की अपनी प्रतिबद्धता में दृढ़ रहा है। इस दौरान पीएम ने ये भी कहा कि यूनाइटेड नेशंस ने अपने 75 साल पूरे कर लिए हैं। हम कह सकते हैं कि अनेक सफलताओं के बाद भी संयुक्त राष्ट्र का मूल लक्ष्य अभी अधूरा है। महामारी की आर्थिक और सामाजिक पीड़ा से जूझ रहे विश्व की अपेक्षा है कि UN की व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन आए। समिट में चीन और पाकिस्तान भी शामिल रहे। 

लद्दाख में सीमा पर तनाव के बाद पहली बार किसी कार्यक्रम में पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का आमना सामना हुआ है। इस बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी मौजूद रहे। भारत शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) देशों में चीन, कजाकस्तान, किर्गिस्तान, रूस, तजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, भारत और पाकिस्तान शामिल हैं। इसके अलावा अफगानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया पर्यवेक्षक देश के तौर पर शामिल हैं।