दिल्ली और गोवा के मुख्यमंत्रियों के बीच छिड़ा ट्विटर वॉर

पणजी

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल के बीच ट्विटर वॉर देखने को मिला है। इससे एक दिन पहले ही दोनों राज्यों के बिजली मंत्रियों के बीच गोवा में बिजली दरों के मॉडल को लेकर भी तीखी बहस देखने को मिली थी। दरअसल, गोवा विधानसभा चुनावों से पहले इसकी तैयारी में जुटी आम आदमी पार्टी (AAP) और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच पिछले कुछ दिनों से आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच ऑनलाइन बहस की शुरुआत सावंत ने आम आदमी पार्टी पर सस्ती राजनीति में लिप्त होने और गोवा के राजनेताओं को बदनाम करने के आरोप लगाने के बाद हुई। गोवा के मुख्यमंत्री सावंत ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा है कि आम आदमी पार्टी हमेशा से लगातार विरोध और नाट्यशास्त्र के माध्यम से सस्ती राजनीति में लिप्त रही है। लेकिन यह कहना कि गोवा के लोग तीसरे वर्ग के राजनेता हैं, भाऊसाहेब बंदोदकर, जैक सिकेरा, मनोहर भाई पर्रिकर, राजेंद्र अर्लेकर या श्रीपाद भाऊ नाइक जैसे महान सपूतों का अपमान है। आम आदमी पार्टी अपने राजनीतिक लाभ के लिए प्रचार करने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन गोवा आकर हमारे नेताओं का अपमान करना अस्वीकार्य है।

 

केजरीवाल, जिनकी पार्टी 2017 के राज्य विधानसभा चुनावों में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद गोवा की राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत करने का लक्ष्य बना रही है, ने यह कहते हुए जवाब दिया कि राजनेताओं के मौजूदा सेट की तुलना पिछले राजनीतिक दिग्गजों से करना अनुचित है। उन्होंने लिखा, राजनेताओं के वर्तमान सेट की तुलना ऐसे राजनीतिक महान लोगों से करके आप उनका अपमान कर रहे हैं। वर्तमान भाजपा में न तो भाऊसाहेब बंदोदकर की महानता है, न ही डॉ. जैक सिकेरा की सत्यनिष्ठा और न ही मनोहर पर्रिकर की दूरदूष्टि है। एक अन्य ट्वीट में सीएम केजरीवाल ने लिखा, जिस तरह से विधायकों को खरीदा और बेचा गया है, उससे भाऊसाहेब बंदोदकर का अपमान किया गया है। डॉ. जैक सिकेरा गोवा के वोटों को खरीदे और बेचे जाते देखने के लिए नहीं लड़े। मनोहर पर्रिकर ने कांग्रेस विधायकों को होलसेल बिकते हुए देखने के लिए अथक प्रयास नहीं किया। जवाब में, सावंत ने केजरीवाल पर अपनी टिप्पणियों में चयनात्मक होने का आरोप लगाया और दिल्ली के सीएम पर उन्हीं राजनेताओं के साथ संबंध रखने का आरोप लगाया, जिनकी उन्होंने आलोचना की थी। सावंत ने कहा क‍ि अरविंद जी, आप हमेशा की तरह चयनात्मक हो रहे हैं। आपने हमारे वर्तमान नेताओं की उपेक्षा की है, जिनका मैंने अपने ट्वीट में उल्लेख किया है, जो जमीनी स्तर से उठे हैं। वे ईमानदारी और विनम्रता के प्रतीक हैं।