अधीर रंजन पीरजादा के साथ पर आनंद शर्मा ने जताई आपत्ति तो बोले – ‘पार्टी नेतृत्‍व की मंजूरी से गठबंधन में शामिल हुआ ISF’

कोलकाता
कांग्रेस से नाराज बताए जा रहे जी 23 में शामिल वरिष्‍ठ नेता आनंद शर्मा ने पश्चिम बंगाल चुनावों (Paschim Bengal Chunav) के लिए इंडियन सेक्‍युलर फ्रंट (ISF) से गठबंधन पर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि आईएसएफ और ऐसे अन्‍य दलों के साथ कांग्रेस का गठबंधन पार्टी की मूल विचारधारा, गांधीवाद और नेहरूवादी धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ है, जो कांग्रेस पार्टी की आत्‍मा है। इन मुद्दों पर कांग्रेस कार्यसमिति में चर्चा होनी चाहिए थी। शर्मा ने यह भी कहा कि इसको लेकर पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष अधीर रंजन चौधरी का समर्थन शर्मनाक है। वहीं, अधीर रंजन चौधरी ने इस पर जवाब देते हुए कहा है कि यह गठबंधन पार्टी नेतृत्‍व की मंजूरी से हुआ है।

बगैर अनुमति नहीं करते हैं फैसला: अधीर रंजन
अधीर रंजन चौधरी ने कहा-'हम एक राज्‍य के प्रभारी हैं और कोई भी फैसला बिना अनुमति के नहीं करते हैं।' गौरतलब है कि वाम मोर्चा- गठबंधन में आईएसएफ को भी शामिल किया गया है। कभी मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी रहे फुरफुरा शरीफ दरगाह के मौलाना पीरजादा अब्‍बास सिद्दीकी ने हाल ही में यह पार्टी बनाई है।

31 फीसदी मुस्लिम वोटों पर कांग्रेस की नजर
पश्चिम बंगाल की 31 फीसदी मुस्लिम आबादी पर फुरफुरा शरीफ दरगाह का विशेष प्रभाव है। कांग्रेस की रणनीति है कि आईएसएफ का साथ लेकर मुस्लिम वोटों को अपने पाले में किया जाए ताकि राज्‍य में उसकी सीटें बढ़ सकें। गठबंधन में शामिल सभी दलों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत चल रही है।