हेल्थ के लिए फायदेमंद है बेर

बसंत पंचमी के साथ याद आती है सरस्वती पूजा की और बेर फल की! याद आता है कि किस तरह मम्मी कहा करती थी कि जब तक सरस्वती पूजा पर बेर फल को चढ़ाया नहीं जाएगा, तब इसे चखना भी नहीं है। और यह भी याद आता है कि किस तरह हमें इसे फ़ायदों के बारे में बताया जाता था। यह एक ऐसा फल है, जो इस मौसम में अपने खट्टे- मीठे स्वाद के साथ सबके मुंह पर लगा रहता है।

यह लाल से लेकर, पीले, ब्राउन जैसे रंगों में मिलता है। आज हम सब इसे खा तो लेते हैं लेकिन इसके हेल्थ बेनिफिट्स को भूलते जा रहे हैं। यह न सिर्फ अच्छी और सुखद नींद लाता है बल्कि कई ऐसे अन्य फ़ायदे भी देता है, जिसके बारे में हमें पता भी नहीं है। आइए इस आर्टिकल के जरिए जानते हैं बचपन की याद दिलाने वाले इस बेर फल के कई हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में!

वजन कम करने में सहायक
एशियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइन्सेज की डाइटीशियन विभा बाजपेई बताती हैं, 'मान लीजिए आपने 200 ग्राम बेर खा लिया। आप इसे देर तक चबा- चबा कर खाते हैं, तो आपको संतुष्टि महसूस होती है। ऐसे में आप खाना पर कंट्रोल कर सकते हैं, आपको जल्दी भूख नहीं लगती है। सबसे अच्छी बात तो यह है कि इसमें कैलोरी भी कम होती है। इस तरह से यह आपके वजन कम करने के लक्ष्य को पूरा करने में आपकी मदद करता है।'

एंजाइटी का इलाज
कई बार आपको महसूस होता है कि आपका दिमाग शांत ही नहीं हो रहा है। आप समझ नहीं पाते कि ऐसा क्यों हो रहा है और इसे क्या कहते हैं। यही तो एन्जायटी है, जब आपका नर्वस सिस्टम शांत नहीं होता। बेर फल में सिडेटिव इफेक्ट होता है, जो आपके शरीर और दिमाग को शान्त कर देता है। आप रिलैक्स महसूस करते हैं और आपकी एन्जायटी छूमंतर हो जाती है।

गहरी नींद लाता है
चायनीज मेडिसिन में बेर फल का प्रयोग इन्सोमनिया जैसी नींद की परेशानी को ठीक करने के लिए किया जाता है। अमूमन हम फल तो खा लेते हैं लेकिन बीज फेंक देते हैं। जबकि फल के साथ बीज, दोनों में सैपोनिंस और पॉलिसैकेराइड्स जैसे फ्लेवोनॉइड्स प्रचुर मात्रा में होते हैं। कई एक्सपर्ट्स सैपोनिन को अच्छी और गहरी नींद लाने में सहायक मान चुके हैं. यह आपके नर्वस सिस्टम को शांत करता है और आपको गहरी नींद आती है. तो अगली बार जब आपको लगे कि आपको नींद नहीं आ रही तो एक मुट्ठी बेर जरूर खा लिया करें।

कॉन्स्टिपेशन में राहत
कॉन्स्टिपेशन एक ऐसा विषय है, जिसके बारे में लोग खुलकर बात नहीं करते हैं। इसके बारे में बात करने से लोग शर्मिंदगी महसूस करते हैं। यह एक तकलीफदेह परेशानी और बीमारी है, जो गैस्ट्रो- इंटेसटाइनल हेल्थ से जुड़ी है। हाल का एक सर्वेक्षण बताता है कि करीब 22 प्रतिशत भारतीय क्रॉनिक कॉन्स्टिपेशन से जूझते हैं। इसके इलाज में बेर फल अहम भूमिका निभाता है। बकौल डाइटीशियन विभा बाजपेई, 'इसमें फाइबर इतना अधिक होता है कि यह आपके डाइजेस्टिव सिस्टम को दुरुस्त करता है। कॉन्स्टिपेशन गायब हो जाता है। आपको बस मुट्ठी भर कर बेर खाना है, आपका डाइजेस्टिव सिस्टम खुद धीरे- धीरे ठीक हो जाएगा।'

हड्डियां रखे मजबूत
बेर में कैल्शियम, फॉसफोरस और आयरन होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाए रखता है। जिन लोगों को हड्डियों की कोई भी परेशानी या बीमारी होती है, उन्हें बेर का सेवन करना चाहिए।

ब्लड प्रेशर को करता है रेग्युलेट
बेर फल में नमक की मात्रा कम होती है और पोटैशियम अधिक। ये दोनों मिलकर ब्लड प्रेशर स्तर को दुरुस्त रखते हैं। जब ब्लड वेसल्स रिलैक्स्ड रहते हैं तो ब्लड फ्लो सही रहता है और प्रेशर भी।

ब्लड सर्कुलेशन भी सही
बेर फल में आयरन और फॉसफोरस बहुत होता है, जिसकी वजह से यह ब्लड सर्कुलेशन को भी रेग्युलेट करता है। अगर आपकी बॉडी में आयरन कम रहता है तो इससे एनीमिया होने का खतरा रहता है। एनीमिया से मांसपेशियां कमजोर हो जाती है, थकान जल्दी होती है, अपच होता है, सिर में हल्का दर्द बना रहता है। ऐसे में बेर का सेवन आपकी बॉडी में आयरन पहुंचाता है और आपको इन सब परेशानियों से दूर रखता है। इस तरह से आपके ब्लड फ्लो भी सही बना रहता है।