प्रस्तावित बड़ी औद्योगिक इकाईयों की मॉनिटरिंग हेतु मोबाइल एप लांच

रायपुर
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय कक्ष में प्रदेश में प्रस्तावित बड़ी औद्योगिक इकाईयों की मॉनिटरिंग हेतु मोबाइल एप लांच किया। प्रदेश में हजारों करोड़ की लागत से स्थापित किये जाने वाली औद्योगिक परियोजनाओं की त्वरित स्थापना हेतु वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा यह मोबाइल  एप  विकसित कराया गया है। उद्योग मंत्री कवासी लखमा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

मोबाईल एप द्वारा उद्योगपति सीधे अपनी इकाई स्थापना के विभिन्न चरणों में विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं से आवश्यक सम्मति, सहमति, पंजीयन, अनापत्ति हेतु लंबित आवेदनों की जानकारी उद्योग विभाग से साझा कर सकेंगे।  उद्योग विभाग द्वारा एम.ओ.यू. करने वाली प्रत्येक इकाई हेतु वरिष्ठ अधिकारियों को रिलेशनशिप मैनेजर के रूप में नामांकित किया गया है द्य इन रिलेशनशिप अधिकारियों के माध्यम से इकाईयों के आवेदनों पर विभिन्न विभागों में त्वरित निष्पादन में मदद मिलेगी। यह मोबाईल एप एंड्रॉयड एवं एप्पल प्ले स्टोर पर भी उपलब्ध है।

यहाँ यह उल्लेखनीय है कि प्रदेश में कुल 104 औद्योगिक इकाईयों द्वारा राज्य शासन के साथ एम.ओ.यू.निष्पादित किया गया है जिसमें लगभग 42 हजार  500 करोड़ रुपए का पूँजी निवेश किया जाना प्रस्तावित है तथा लगभग 65000 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध होगा। इन एम.ओ.यू. में प्रदेश के अति पिछड़े क्षेत्र बस्तर संभाग में 16 इकाईयाँ प्रस्तावित है जिनमें से 09 इकाईयों द्वारा उद्योग स्थापना हेतु कार्यवाही प्रारंभ कर दी गयी है। संपादित 104 एम.ओ.यू. में से 40 इकाईयों द्वारा उद्योग स्थापना की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है एवं 01 इकाई में उत्पादन भी प्रारंभ कर उनके द्वारा अपने उत्पादों का अन्य देशों को निर्यात भी प्रारंभ कर दिया गया है। सम्पादित 104 एम.ओ.यू. में स्टील क्षेत्र में 76, फार्मास्युटिकल क्षेत्र में 04, साईकल निर्माण में 01, रक्षा क्षेत्र में 03 एवं इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र की 02 इकाईयां सम्मिलित हैं।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सरगुजा क्षेत्र में स्टील एवं एल्युमीनियम क्षेत्र में बड़े उद्योगों की स्थापना हेतु विभिन्न औद्योगिक निवेशकों द्वारा अभिरूचि प्रदर्शित की गई हैजिससे स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के अति पिछड़े सरगुजा एवं बस्तर क्षेत्र में भी औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी एवं स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध होगा। इसके अतिरिक्त प्रदेश में वनोपज पर आधारित 15 इकाईयों द्वारा एम.ओ.यू. सम्पादित किया जाना प्रस्तावित है जिनमें 75 करोड़ रुपए का पूँजी निवेश एवं 1000 से अधिक व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध होगा।

प्रदेश का त्वरित एवं समग्र औद्योगिक विकास मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। राज्य सरकार की इस नीति की पूरे देश के उद्योग जगत में तारीफ हो रही है। जिसके अनुसरण में उद्योग विभाग एवं उद्योगों से संबंधित विभागों द्वारा सूचना तकनीकी क्षेत्र का उपयोग करते हुए कार्यवाही की जा रही है। इस हेतु प्रदेश के सिंगल विण्डो सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाया गया है एवं वरिष्ठअधिकारियों द्वारा परियोजनाओं के क्रियान्वयन की सतत् निगरानी की जा रही है। उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सुगम एवं सरल बनाने हेतु संबंधित विभागों द्वारा विभिन्न उद्योग संघों, व्यापारिक संगठनों एवं अन्य संबंधित संघों से लगातार संपर्क करते हुए प्रक्रियाओं को सरलीकृत करने का प्रयास किया जा रहा है।

इस अवसर पर सीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक अरूण प्रसाद, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के संयुक्त सचिव अनुराग पाण्डेय एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण के साथ टेकमेंट टेक्नालॉजी प्राईवेट लिमिटेड, भिलाई के डायरेक्टर मनीष अग्रवाल, रूपेश शर्मा, मनोज अग्रवाल, सुमीत अग्रवाल एवं रामभगत अग्रवाल उपस्थित थे।