गलवान हिंसा पर सरकार से सवाल पूछने पर 3 चीनी ब्‍लॉगर अरेस्‍ट

पेइचिंग
पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी हिंसा के वीडियो जारी करके चीनी जनता की सहानुभूति हासिल में लगे चीन को उसके ही देश के नागारिकों ने आइना दिखा दिया। एक पूर्व पत्रकार समेत तीन ब्‍लॉगरों ने कहा कि इस संघर्ष में 4 से ज्‍यादा चीनी सैनिक मारे गए थे और सरकार उसे बता नहीं रही है। यही नहीं उन्‍होंने सरकार से सवाल पूछा कि मारे गए सैनिकों के बारे में ऐलान करने में उन्‍होंने 8 महीने का समय क्‍यों लगा द‍िया।

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने जिन ब्‍लॉगरों को अरेस्‍ट किया है, उनमें एक खोजी पत्रकार और द इकॉनामिक ऑब्‍जर्बर के पूर्व जर्नल‍िस्‍ट क्यिू जिमिंग (38) भी शामिल हैं। चीन ने ऐलान किया है कि उसने गलवान घाटी में मारे गए चीनी सैनिकों का अपमान करने वाले तीन ब्‍लॉगरों को हिरासत में लिया है। चीन ने इन ब्‍लॉगरों को ऐसे समय पर अरेस्‍ट किया जब उसने हाल ही में गलवान घाटी में मारे गए सैनिकों के बारे में घोषणा की थी।

'चीन के मारे गए सैनिकों की संख्‍या ज्‍यादा है'
चीनी सोशल मीडिया वेबसाइट वीबो पर अपने 25 लाख प्रशंसकों को द‍िए संदेश में क्यिू जिमिंग ने कहा था कि चीन के मारे गए सैनिकों की संख्‍या ज्‍यादा है क्‍योंकि आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक कुछ सैनिकों की दूसरे सैनिकों की मदद देने के लिए आने के दौरान मौत हो गई। उन्‍होंने कहा कि इनमें से भी कई सैनिकों की मौत हुई होगी। उन्‍होंने इस बात पर भी सवाल उठाया था कि क्‍यों चीनी सैनिकों के मारे जाने के ऐलान में चीन ने 8 महीने लगा द‍िया।