छोटे शहरों में औद्योगिक विकास पर फोकस, मजबूत होगी प्रदेश की इकोनॉमी

भोपाल
कोरोना काल में प्रदेश के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में मजबूत बनकर उभरी सूक्ष्म, लघु व मध्यम इकाइयों को देखते हुए राज्य सरकार ने अब एमएसएमई सेक्टर के विकास के लिए छोटे शहरों का रुख किया है। इसके लिए सूक्ष्म, लघु, मध्यम, उद्यम विभाग ने आठ जिलों में नए एमएसएमई इंडस्ट्रियल सेक्टर विकसित करने की घोषणा की है। यहां नई इकाइयों के जमीन देने और छोटे उद्योग स्थापित करने का मौका दिया जाएगा।

कोरोना संक्रमण काल में दूसरे राज्यों से वापस लौटे मजदूरों को रोजगार देने और उन्हें एमपी में ही रोजगार देने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछले महीनों में फोकस रखा है। स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने सीएम एक जिला एक उत्पाद के अलावा आत्म निर्भर मध्यप्रदेश में कई ऐसे कान्सेप्ट पर एक्शन करा रहे हैं जो लोगों को रोजगार देने के साथ प्रदेश में अर्थव्यवस्था की मजबूती में सहायक हो। इसी परिप्रेक्ष्य में राज्य औद्योगिक भूमि एवं प्रबंधन नियम 2015 के अंतर्गत एमएसएमई सेक्टर में आठ नए औद्योगिक क्षेत्र घोषित किए गए हैं।

एमएसएमई विभाग के अनुसार जो आठ नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने हैं, उसमें अनूपपुर जिले की तहसील के कदमटोला में 22.796 हेक्टेयर भूमि पर एमएसएमई उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा। यह अनूपपुर तहसील में ही है। इसी तरह शिवपुरी जिले के करैरा तहसील मुख्यालय में 5 हेक्टेयर, अलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर तहसील के सेजावाड़ा में 21.83 हेक्टेयर, उमरिया जिले के चंदिया तहसील के बड़वार में 4.85 हेक्टेयर, अशोकनगर जिला मुख्यालय के पलकाटोरी में 36.40 हेक्टेयर, उज्जैन जिले के आगर रोड उद्योगपुरी में 0.303 हेक्टेयर, खरगौन जिले के कसरावद तहसील के निमरानी में 121.86 हेक्टेयर और ग्वालियर के चिरवई में 3.646 हेक्टेयर भूमि पर एमएसएमई इंडस्ट्रियल एरिया विकसित किया जाएगा।