मुख्यमंत्री निवास घेरने जा रहे बस चालक व परिचालकों की पुलिस के साथ झूमाझटकी

रायपुर
अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर निजी प्रदेश के निजी बस चालक-परिचालक व अन्य कर्मियों ने छत्तीसगढ़ बस कर्मचारी संघ के बैनर पर धरना-प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की और उसके बाद सीएम हाउस का घेराव करने के लिये निकले जिन्हें बूढ़ापारा धरना स्थल पर ही पुलिस द्वारा रोक दिया गया। इस दौरान उनकी पुलिस के साथ झूमा-झटकी भी हुई।

बस चालक-परिचालक व अन्य कर्मियों ने नियमित ड्यूटी,नियमित वेतन बरोजगारी भत्ता दिए जाने की मांग तथा बस मालिकों के द्वारा की गई 30 करोड़ की झूठी घोषणा के विरोध में छत्तीसगढ़ बस कर्मचारी संघ के बैनर पर रायपुर समेत राज्य के अलग-अलग जगहों से निजी बस चालक-परिचालक व अन्य कर्मीं आज सुबह यहां बूढ़ापारा में एकजुट हुए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि कोरोना के चलते उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा। लॉकडाउन में बस बंद होने से वे सभी करीब छह महीने तक बेरोजगार रहे। बसें चालू होने के बाद भी उनको वेतन देने में आनाकानी की जा रही है जिसके चलते उनके सामने परिवार के लालन-पालन की समस्या खड़ी हो गई।

धरना प्रदर्शन के बाद बस चालक व परिचालक मुख्यमंत्री निवास को घेरने के लिये निकले लेकिन उन्हें धरना स्थल से महज सौ कदम की दूरी पर ही पुलिस ने रोक लिया और प्रदर्शनकारियों को पकड़ लिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारयों के बीच तकरार और झूमाझटकी भी हुई।