स्कूलों की मनमानी: साल भर से बंद है स्कूल फिर भी अभिभावक देते रहे कंप्यूटर व लाइब्रेरी शुल्क

पटना 
छात्र स्कूल जाएं या ना जायें, शुल्क तो पूरा भरना होगा। कुछ ऐसा ही राजधानी के स्कूलों में दिखा। कोरोना के कारण भले सालभर स्कूल बंद रहा। ऑनलाइन पढ़ाई घर से हुयी। विद्यार्थी एक भी दिन स्कूल नहीं गये, बावजूद अभिभावकों से हर तरह के शुल्क मसलन कंप्यूटर के साथ लाइब्रेरी, लैब आदि लिये गए। ऐसे में अब परेशान होकर अभिभावक जिला शिक्षा कार्यालय पहुंचने लगे हैं। 

यह हाल कोई एक स्कूल का नहीं बल्कि तमाम स्कूलों का है। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक अभिभावक ने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई के लिए चार से पांच जीबी डेटा हर महीने खर्च हो रहा है। इसके भी पैसे भरते रहे हैं और स्कूल द्वारा कंप्यूटर का चार्ज भी लिया जा रहा है। जबकि स्कूल में कंप्यूटर क्लास हुआ भी नहीं है। वहीं एक अभिभावक ने बताया कि लाइब्रेरी से एक भी किताब पूरे आठ महीने में इश्यू नहीं हुए, लेकिन लाइबेरी चार्ज लिये जा रहे हैं। 

डीईओ बना रहे जांच कमेटी 
स्कूलों द्वारा मनमानी किए जाने के विरोध में अब जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा जांच कमेटी तैयार की जायेगी। डीपीओ मनोज कुमार ने बताया कि स्कूलों की इस तरह की मनमानी पर रोक लगायी जाएगी। अभिभावकों की शिकायत पर संज्ञान लिया जायेगा। जो शुल्क बच्चों के स्कूल जाने पर लिये जो चाहिए, उसे स्कूल इस तरह नहीं वसूल सकते हैं।