चेंबर चुनाव को लेकर संशय-समिति के सदस्य की कोरोना से मौत

रायपुर
छत्तीसगढ़ चेंबर आफ कामर्स के चुनाव को लेकर संशय गहराने लगा है। व्यापारियों के बीच पहले ही कोरोनाकाल में चुनाव कराने को लेकर दुविधा की स्थिति थी लेकिन बढ़ती गुटबाजी से परेशान वर्तमान चेंबर अध्यक्ष जितेन्द्र बरलोटा ने और कोई नया विवाद पैदा होने से पहले ही यह तय कर लिया कि नियत समय पर चुनाव कराने का जिम्मा चुनाव समिति पर छोड़ते हुए खुद को पद से मुक्त करने का प्रस्ताव रख दिया। इस बीच प्रक्रिया शुरू हुई थी कि कुछ तकनीकी कारणों को लेकर मार्च तक चुनाव को टाल दिया गया था। वहीं इस बीच चुनाव समिति के वरिष्ठ सदस्य रमेशचंद्र बावरिया की कोरोना से हुई मौत के बाद हडकंप मच गया है। व्यापारी दुखी भी है और चाह रहे हैं कि चुनाव प्रचार को बंद करते हुए अगले कुछ समय तक के लिए चुनाव को ही स्थगित कर दिया जाए। जिससे संशय बढ़ गई है कि 15 मार्च तक भी चुनाव हो पायेगा या नहीं?

जैसे कि जानकारी मिली है छह सदस्यीय चुनाव समिति के वरिष्ठ सदस्य रमेशचंद्र बावरिया(74 वर्ष) का शनिवार को निधन हो गया है। जिसे कोरोना संक्रमित होना पाया गया है। जिसके बाद व्यापारी इतने दुखी है कि कोई भी प्रतिक्रिया देने की स्थिति में नहीं हैं। यहां यह बताना भी जरूरी होगा कि समिति के पांच अन्य सदस्य भी 65 पार हैं लेकिन हर चुनाव की तरह इस बार भी वे अपना दायित्व निभाने में पीछे नहीं हटे। बावरिया भी समर्पित थे संगठन के लिए,वे हमेशा व्यापारियों की एका चाहते थे। अपुष्ट जानकारी यह भी है कि चुनाव समिति के दो अन्य सदस्य भी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इसलिए वरिष्ठों की सलाह पर तत्काल व्यापारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशियों को कहा गया है कि चुनाव प्रचार बंद करें। आगे संभावना यह है कि चुनाव कब हो पायेगा कह पाना मुश्किल है, यदि पुरानी समिति सुरक्षागत कारणों से पीछे हटती है तो नई समिति भी बनाने की नौबत आ सकती है,फिलहाल 15 मार्च तक चुनाव हो पाने को लेकर संशय बन गया है। यदि देखें तो व्यापारियों की सुरक्षा पहले हैं,चुनाव यदि साल भर भी टाल दिए जाते हैं तो कोई फर्क नहीं पडऩे वाला,सभी के बीच से एक कार्यकारी समिति  बनाकर कामकाज चलाया जा सकता है।