द्वारका में 25 इंच बारिश, विश्व प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर का टूट गया झंडा

द्वारका
गुजरात के सौराष्ट्र में बीते तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इस बारिश ने सबसे ज्यादा द्वारका, पोरबंदर और जामनगर जिलों को प्रभावित किया है। इसी दौरान द्वारका में 25 इंच बारिश हुई है। बारिश से जूझ रहे लोगों में अब और डर बैठ गया है। डर इस बात को लेकर है कि यहां के विश्व प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर का झंडा टूट गया है। चोटी पर लहराने वाले इस झंडे के टूटने से लोग खौफ में हैं। लोगों का मानना है कि यह किसी बड़ी घटना का संकेत है।

भारी बारिश में भगवान द्वारकाधीश का शिखर दंड टूट गया है। यह झंडा अब रस्सी से बांधा गया है। कोरोना वायरस से जूझ रहे लोगों के बीच बारिश ने डर पैदा किया और अब झंडा टूट जाने से लोग खौफ में आ गए हैं।

ध्वज स्तंभ बड़ी आपदा का संकेत
द्वाराकाधीश मंदिर में पूजा कराने वाले पंडित मुकुंद गुगड़ी ने एनबीटी को बताया कि, 'ध्वज स्तंभ किसी भी राज्य के गौरव और कुशलता का प्रतीक होता है। इसका टूटना संकेत करता है कि राज्‍य पर या राज्‍य में उच्‍च सत्ता पर आसीन किसी व्‍यक्ति पर आपत्ति आ सकती है। उन्‍होंने बताया क‍ि पिछली बार ऐसा 1998 में हुआ था, इसके बाद गुजरात के कांडला पोर्ट में विनाशकारी तूफान आया था।

6 जुलाई को आधी रात फटा झंडा
स्थानीय लोगों का कहना है कि 6 जुलाई को द्वारिकाधीश की चोटी पर लहराने वाला यह झंडा दो टुकड़ों में हो गया। रोज तीन बार यह झंडा बदला जाता है। यह झंडा 52 गज का है। झंडा फटने और उसके पोल के टूटने के बाद सब चिंता में है। लोगों ने यहां ईश्वर से प्रार्थना शुरू कर दी है कि देश को सुरक्षित रखें।