अंशिन काउंटी को पूरी तरह सील किया गया, 5 लाख लोग घरों में कैद

पेइचिंग
चीन अब कोरोना वायरस संक्रमण के दूसरे चरण को छिपाने की कोशिश कर रहा है। बता दें कि कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित राजधानी पेइचिंग में अब भी लगभग पांच लाख लोग घरो में कैद हैं। चीनी सरकार ने चेतावनी दी है कि राजधानी से सटे इन क्षेत्रों में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति अब भी गंभीर है। रिपोर्ट के अनुसार, पेइचिंग से 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अंशिन काउंटी को पूरी तरह सील कर दिया गया है।

वुहान की तरह नए प्रांत से सामने आ रहे मामले
स्वास्थ्य अधिकारियों को जांच के दौरान यहां कोरोना वायरस के नए क्लस्टर देखने को मिले थे। बताया जा रहा है कि संक्रमण की ऐसी ही स्थिति वुहान में भी देखी गई थी। कोरोना वायरस संक्रमण के दूसरे चरण में चीन में अब तक 311 नए मामले रिकॉर्ड किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, पेइचिंग में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लागू किए गए दूसरे स्तर के अलर्ट को अब कम किया जा सकता है। हालांकि थोक बाजार और सार्वजनिक परिवहन को अब भी बंद ही रखा जाएगा।

पेइचिंग से बाहर जाने के लिए कोरोना टेस्ट जरूरी
पेइचिंग से बाहर जाने वाले किसी भी व्यक्ति को पिछले सात दिनों में कराए गए कोरोना वायरस टेस्ट की रिपोर्ट दिखानी होगी कि उसमें संक्रमण नहीं है। शनिवार को समाप्त हुए तीन दिवसीय ड्रैगन बोट फेस्टिवल के दौरान लाखों चीनी लोगों ने यात्राएं कीं लेकिन इससे संक्रमण फैलने की कोई बात सामने नहीं आई है। फिर भी चीनी सरकार कोई रिस्क नहीं लेना चाहती।

कोरोना के ताजा प्रकोप से चीनी प्रशासन सकते में
चीन में कोरोना वायरस के इस ताजा प्रकोप ने उसे हिलाकर रख दिया है जिसने वुहान में महामारी को काबू में करके सफलता पाई थी। पेइचिंग में कोरोना वायरस फैलने से नाराज शी चिनफ‍िंग के प्रशासन ने शिनफादी मार्केट के दो स्‍थानीय अधिकारियों और एक जनरल मैनेजर को बर्खास्‍त कर दिया है। स्‍वास्‍थ्‍य नीति को देखने वाले सुन चुनलान ने कहा, 'बाजार बहुत घना है और लोग इधर से उधर जाते रहते हैं। इस बात का खतरा बहुत ज्‍यादा है कि कोरोना वायरस और जगहों पर फैल सकता है।'

चीन का दावा- यूरोप से आया संक्रमण
चीन सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, बीजिंग सीडीसी शोधकर्ताओं ने कहा है कि राजधानी पेइचिंग के Xinfadi बाजार में क्लस्टर संक्रमण फैलाने वाले कोरोना वायरस के जीनोम सिक्वेंसिंग से पता चला है कि यह यूरोप से आया है। शोधकर्ताओं ने दावा किया कि यह संक्रमण चीन के बाहर से आए वायरस से फैला है।